NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले- 'देश की युवाशक्ति ही असली ताकत
NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले- 'देश की युवाशक्ति ही असली ताकत
3:47 PM, Jul 25, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

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नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में उनके इस्तीफे की मांग भी शामिल थी। इस्तीफे की घोषणा करते हुए प्रधान ने कहा कि देश की युवाशक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम ने उन्हें बेहद दुखी किया है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने इस्तीफा संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने लिखा कि एक मजबूत और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं का वह हमेशा सम्मान करते रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेवा का अवसर मिलने पर आभार भी व्यक्त किया।
प्रधान ने अपने पत्र में स्वीकार किया कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल जांच CBI को सौंप दी थी। परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई गई और अगले वर्ष से परीक्षा को पूरी तरह CBT (कंप्यूटर आधारित) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना और किसी भी मेधावी छात्र के साथ अन्याय न होने देना था।
उन्होंने कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG के परिणाम संतोषजनक रहे और गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले अनेक छात्रों ने सफलता हासिल की। हालांकि, उनके अनुसार इस दौरान कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
इस्तीफे में प्रधान ने लिखा, "भारत की युवाशक्ति ही इस देश की असली ताकत है। पिछले 10 दिनों की घटनाओं को देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। देश की एकता बनी रहे, छात्रों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे और वे अपनी पढ़ाई व करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसी भावना से मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को सौंप दिया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और भविष्य में भी वह देश, ओडिशा की जनता तथा युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे।
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