होमवीडियो LIVE
BREAKING
विज्ञापन

पॉक्सो एक्ट में दोषी विजय उर्फ टीपू साहनी को 20 वर्ष की कठोर कैद, पीड़ित को मिलेगा मुआवजा

सोनभद्र | Rajesh Pathak / Ashish Gupta (सोन प्रभात न्यूज)

sonbhadra

3:37 PM, Feb 17, 2026

Share:

Edited by: Ashish Gupta

पॉक्सो एक्ट में दोषी विजय उर्फ टीपू साहनी को 20 वर्ष की कठोर कैद, पीड़ित को मिलेगा मुआवजा
हमसे जुड़ने के लिए फॉलो करें:
Instagram
सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क

सोनभद्र | Rajesh Pathak / Ashish Gupta (सोन प्रभात न्यूज)

करीब 3 वर्ष 11 माह पूर्व 10 वर्षीय नाबालिग बालक के साथ हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी को कठोर सजा सुनाई है। मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सुनवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत दोषसिद्ध पाए गए अभियुक्त विजय उर्फ टीपू साहनी (27 वर्ष) को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने दोषी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि अदा न करने की स्थिति में उसे 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की कुल राशि में से 20 हजार रुपये पीड़ित बालक को मुआवजे के रूप में प्रदान किए जाएंगे । साथ ही, दोषी द्वारा अब तक जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समाहित किया जाएगा।

विज्ञापन

Image

क्या है पूरा मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना चोपन क्षेत्र निवासी पीड़ित बालक के पिता ने 21 मार्च 2022 को चोपन थाने में तहरीर देकर बताया कि 20 मार्च 2022 की शाम लगभग 7 बजे अभियुक्त विजय उर्फ टीपू साहनी पुत्र बाले साहनी, निवासी कुरहुल (थाना चोपन, जनपद सोनभद्र) उनके 10 वर्षीय बेटे को चना के खेत में बुलाकर उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया।घटना के बाद बालक ने घर पहुंचकर अपनी मां को आपबीती सुनाई, जिसके पश्चात परिजनों को घटना की जानकारी हुई और पुलिस को सूचना दी गई। तहरीर के आधार पर चोपन पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध अप्राकृतिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।

विज्ञापन

8 गवाहों के बयान के बाद दोष सिद्ध

विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली के अवलोकन के पश्चात अभियुक्त को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि , सत्यप्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।

सम्बंधित खबर

शहरी खबरें

और पढ़ें

Breaking से पहले Believing —
Son Prabhat News, since 2019

Follow Us:

Instagram

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreSonprabhat Live

© Copyright Sonprabhat 2026. All rights reserved.

Developed by SpriteEra IT Solutions