डिहवार बाबा स्थान पर महिलाओं ने निभाई पारंपरिक रस्म, सुख-शांति की कामना
सोनभद्र। थाना क्षेत्र के झारखंड बॉर्डर से सटे ग्राम छतरपुर स्थित डिहवार बाबा स्थान पर बुधवार सुबह ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान महिलाओं ने गांव में अमन-चैन, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। आयोजन में आदिवासी एवं पिछड़े समाज की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
8:56 PM, Sep 30, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

विंढमगंज, सोनभद्र। थाना क्षेत्र के झारखंड बॉर्डर से सटे ग्राम छतरपुर स्थित डिहवार बाबा स्थान पर बुधवार सुबह ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान महिलाओं ने गांव में अमन-चैन, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। आयोजन में आदिवासी एवं पिछड़े समाज की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।डिहवार बाबा के संचालक रामप्यारे चेरो के नेतृत्व में महिलाओं ने झारखंड बॉर्डर से सटे क्षेत्र में सामूहिक रूप से झाड़ू-बहारन की पारंपरिक रस्म निभाई। इसके बाद महिलाएं डिहवार बाबा के स्थान पर पहुंचीं, जहां रंग-बिरंगे पारंपरिक गीतों के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।ग्रामीणों के अनुसार, यह आयोजन लंबे समय से चली आ रही स्थानीय परंपरा का हिस्सा है। मान्यता है कि सामूहिक रूप से डिहवार बाबा की पूजा करने से गांव में सुख-शांति बनी रहती है और परिवारों को किसी प्रकार की आफत-विपत्ति का सामना नहीं करना पड़ता। पूजा के दौरान महिलाओं ने गांव और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।पूजा-अर्चना और पारंपरिक कार्यक्रम के समापन के बाद महिलाएं प्रसन्नता के साथ अपने-अपने घर लौट गईं। आयोजन के दौरान ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा।इस अवसर पर रामप्यारे चेरो, दीनदयाल विश्वकर्मा, रमाकांत विश्वकर्मा, शिवकुमार यादव, राजेश कुमार यादव, इंकुवारी देवी, सुधानी देवी, मीना देवी, बुधनी देवी, मंजू देवी, राजमती देवी और रानी देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिव यादव का सहयोग रहा।
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