होमवीडियो LIVE
BREAKING
विज्ञापन

बाल श्रम उन्मूलन अभियान में 4 नाबालिग बच्चों को कराया गया मुक्त

बाल श्रम उन्मूलन अभियान में 4 नाबालिग बच्चों को कराया गया मुक्त

9:27 PM, Jun 15, 2026

Share:

Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

बाल श्रम उन्मूलन अभियान में 4 नाबालिग बच्चों को कराया गया मुक्त
हमसे जुड़ने के लिए फॉलो करें:
Instagram
सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क


श्रम विभाग और एएचटी यूनिट की संयुक्त कार्रवाई, नियोक्ताओं पर हुई विधिक कार्रवाईसोनभद्र, 15 जून। जनपद में बाल श्रम उन्मूलन एवं बाल अधिकार संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोमवार को श्रम विभाग और मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटी) की संयुक्त टीम ने चोपन, ओबरा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों पर कार्य कर रहे चार नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में संचालित इस अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने कई दुकानों, प्रतिष्ठानों एवं कार्यस्थलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बाल श्रम में संलिप्त पाए गए चार बच्चों को तत्काल मुक्त कराते हुए उनके संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई।श्रम विभाग ने बाल श्रम कराने वाले संबंधित नियोक्ताओं के विरुद्ध बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई भी की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।अभियान के दौरान व्यापारियों, प्रतिष्ठान संचालकों एवं आमजन को बाल श्रम कानूनों की जानकारी दी गई तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी भी बच्चे को मजदूरी के लिए नियोजित न करें और ऐसे मामलों की सूचना संबंधित विभाग को दें।संयुक्त रेस्क्यू टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज शर्मा, मो. रईश, एएचटी प्रभारी निरीक्षक रामदरश राम, मुख्य आरक्षी धनंजय यादव, आरक्षी पंकज कुमार एवं महिला आरक्षी शालिनी वैश्य शामिल रहीं।अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन, बाल अधिकार संरक्षण एवं मानव तस्करी की रोकथाम के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार चलाए जाते रहेंगे, ताकि बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।

सम्बंधित खबर

शहरी खबरें

और पढ़ें

Breaking से पहले Believing —
Son Prabhat News, since 2019

Follow Us:

Instagram

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreSonprabhat Live

© Copyright Sonprabhat 2026. All rights reserved.

Developed by SpriteEra IT Solutions