विद्यालयों में शिक्षा और मिड-डे मील की गुणवत्ता पर प्रशासन की कड़ी नजर
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देश पर अधिकारी नियमित रूप से विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, उपस्थिति और सीखने के स्तर की जानकारी ली जा रही है। साथ ही विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और मिड-डे मील की गुणवत्ता का भी मौके पर सत्यापन किया जा रहा
6:37 AM, Aug 23, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

अधिकारी हर सप्ताह कम से कम 5 विद्यालयों का करेंगे स्थलीय निरीक्षण, बच्चों से संवाद कर जांचेंगे शैक्षणिक स्तरजनपद में विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था तेज कर दी है। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देश पर अधिकारी नियमित रूप से विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, उपस्थिति और सीखने के स्तर की जानकारी ली जा रही है। साथ ही विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और मिड-डे मील की गुणवत्ता का भी मौके पर सत्यापन किया जा रहा है।अधिकारी कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से पाठ्यक्रम से जुड़े प्रश्न पूछ रहे हैं, जिससे उनके वास्तविक शैक्षणिक स्तर का आकलन किया जा सके। बच्चों की ओर से दिए गए उत्तरों के आधार पर शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता और आवश्यकता के अनुसार सुधार की स्थिति भी परखी जा रही है।बच्चों के साथ भोजन कर जांची जा रही मिड-डे मील की गुणवत्तामिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी बच्चों के साथ बैठकर स्वयं भोजन ग्रहण कर रहे हैं। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, स्वाद, स्वच्छता और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की स्थिति का प्रत्यक्ष सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा भोजन की साफ-सफाई, रसोईघर की व्यवस्था और बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की स्थिति का भी जायजा लिया जा रहा है।स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं की भी जांचनिरीक्षण के दौरान विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति भी देखी जा रही है। जहां कोई कमी सामने आ रही है, वहां संबंधित अधिकारियों को उसका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं।हर अधिकारी को सप्ताह में 5 विद्यालयों के निरीक्षण का लक्ष्यजिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने प्रत्येक अधिकारी को प्रत्येक सप्ताह न्यूनतम 5 विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण करने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों का केवल चिन्हांकन ही नहीं, बल्कि उनके त्वरित और प्रभावी निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया है।जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां तलाशना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य से जुड़ी विद्यालयी व्यवस्थाओं की नियमित और प्रभावी निगरानी प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं में सुधार लाने और सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
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