आईजीआरएस में लापरवाही पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, लेखपाल निलंबित; कई अधिकारियों का वेतन रोका
आईजीआरएस में लापरवाही पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, लेखपाल निलंबित; कई अधिकारियों का वेतन रोका
8:06 PM, Jun 3, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में जनपद में प्रशासनिक कार्यों की नियमित समीक्षा के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में शिथिलता तथा अंश निर्धारण के मामलों में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों के जून माह के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है।उप जिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सुरसत खुर्द, राजस्व निरीक्षक क्षेत्र रायपुर में तैनात लेखपाल मदन मोहन यादव को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है। जांच में पाया गया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त संदर्भों का समय से निस्तारण नहीं किया गया तथा अंश निर्धारण संबंधी कार्यों में भी गंभीर शिथिलता बरती गई। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की है।इसके अलावा तहसीलदार सदर, तहसीलदार ओबरा, तहसीलदार घोरावल, तहसीलदार दुद्धी तथा क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को स्पष्टीकरण जारी किया गया है।वहीं, अधीक्षण अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता विद्युत पिपरी, क्षेत्रीय वन अधिकारी वन प्रभाग सोनभद्र (एसडीओ), अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत डाला, क्षेत्रीय वन अधिकारी वन प्रभाग ओबरा, खंड विकास अधिकारी रॉबर्ट्सगंज, थानाध्यक्ष बभनी, अधिशासी अभियंता मीरजापुर नहर प्रखंड समेत कई लेखपालों के जून माह के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में असंतोषजनक प्रदर्शन तथा अत्यधिक नकारात्मक फीडबैक मिलने के कारण की गई है।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट कहा है कि जन शिकायतों के निस्तारण, राजस्व प्रकरणों तथा न्यायालयीय मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की प्राथमिकताओं एवं जनहित से जुड़े मामलों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।प्रशासन की इस कार्रवाई को सुशासन, जवाबदेही और जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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