कोटा में आदिवासी की जमीन पर कब्जे का आरोप, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
कोटा में आदिवासी की जमीन पर कब्जे का आरोप, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
6:36 PM, Jul 24, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Anil Kumar agrahari

डाला/सोनभद्र- चोपन थाना क्षेत्र में एक आदिवासी परिवार ने अपनी पैतृक भूमि पर जबरन कब्जा कराए जाने का आरोप पुलिस प्रशासन पर लगाया है। पीड़ित काश्तकार का कहना है कि भूमि उसके पिता बुधीराम के नाम दर्ज है, इसके बावजूद विपक्षी पक्ष को खेत जोतने दिया जा रहा है।पीड़ित के अनुसार, उसने 22 जुलाई को चोपन थाने में लिखित शिकायत देकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि पुलिस ने संबंधित क्षेत्र के लेखपाल को मौके पर बुलाकर राजस्व अभिलेखों की जांच भी नहीं कराई।पीड़ित का कहना है कि पुलिस द्वारा यह कहा गया कि "जो जोत रहा है, उसे जोतने दो" तथा दोनों पक्षों पर समझौते का दबाव भी बनाया गया। आरोप है कि कोटा निवासी किशुन देव जायसवाल ने कई वर्ष पहले लगभग 1800 रुपये में जमीन रेहन पर ली थी। आर्थिक तंगी के कारण पीड़ित समय पर रकम वापस नहीं कर सका, जिसके बाद अब जमीन पर कब्जा करने के लिए प्रशासनिक दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।मामले में चोपन थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी आकाश जायसवाल का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।पीड़ित ने मांग की है कि मौके पर संबंधित लेखपाल को बुलाकर राजस्व अभिलेखों की जांच कराई जाए तथा जिस व्यक्ति के नाम भूमि दर्ज है, उसी को खेती करने का अधिकार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आदिवासी परिवार के वैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा रोका जाए।पीड़ित ने इस मामले में सोनभद्र पुलिस, उत्तर प्रदेश शासन, एडीजी वाराणसी जोन तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और न्याय दिलाने की मांग की है।
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