भाजपा सरकार पीडीए विरोधी, 2027 में जनता देगी जवाब : राम आसरे विश्वकर्मा
सोनभद्र :समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और पीडीए वर्ग के उत्पीड़न को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और किसानों की बदहाली लगातार बढ़ी है
12:29 PM, Aug 13, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Sanjay singh

राबर्ट्सगंज सोनभद्र। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और पीडीए वर्ग के उत्पीड़न को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और किसानों की बदहाली लगातार बढ़ी है। प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं को प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा भी पूरा नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का जीवन मुश्किल कर दिया है। मध्यम एवं कुटीर उद्योगों के बंद होने से गरीब और मजदूर वर्ग प्रभावित हुआ है। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा भी पूरा नहीं हुआ।राम आसरे विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानी पीडीए वर्ग पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए फर्जी एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई और पुलिस हिरासत में मौतों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं में पीडीए वर्ग के लोगों की बड़ी संख्या है।उन्होंने विश्वकर्मा समाज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में समाज के नौजवानों की हत्या और बेटियों के साथ दुष्कर्म की कई घटनाएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।पूर्व मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में विश्वकर्मा समाज के हित में किए गए कई कार्यों को भाजपा सरकार ने समाप्त कर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और डॉक्टर, इंजीनियर व प्रोफेसर बनने के अवसर देने के बजाय उन्हें केवल पारंपरिक कामों तक सीमित किया जा रहा है।उन्होंने सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर भी भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पीडीए वर्ग के आरक्षित पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षाओं के निरस्त होने से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।नीट परीक्षा का जिक्र करते हुए राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि इससे भाजपा सरकार की विफलताएं उजागर हुई हैं और युवाओं में निराशा बढ़ी है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसान, नौजवान, गरीब, मजदूर और पीडीए वर्ग के हित में नहीं है। वर्ष 2027 में जनता भाजपा को सत्ता से हटाएगी और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएगी, जिससे अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश के नौजवानों, किसानों, गरीबों और पीडीए वर्ग का विकास सुनिश्चित हो सके।समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राम निहोर यादव ने कहा कि जब तक केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार रहेगी, तब तक पीडीए समाज का अपेक्षित विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गरीब वर्ग के लोगों का विकास होगा और प्रदेश में शांति एवं सौहार्द का वातावरण कायम किया जाएगा।इस दौरान पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, परमेश्वर दयाल, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय यादव, चौधरी यशवंत सिंह पटेल, राम मोहम्मद सईद कुरैशी, भरोसे सिंह पटेल, अनिल प्रधान, राजेश विश्वकर्मा, अशोक पटेल, डॉ. लोकपति सिंह पटेल, डॉ. केडी सिंह पटेल, महेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, कन्हैया लाल विश्वकर्मा, हिदायत उल्ला खान, देवेंद्र विश्वकर्मा, गुलाम यासीन, हरिशंकर विश्वकर्मा, विनीत सरोज, राजाराम विश्वकर्मा, सत्यम पांडेय, देवानंद विश्वकर्मा, मीना विश्वकर्मा, अर्जुन विश्वकर्मा, छोटू विश्वकर्मा, जटाशंकर विश्वकर्मा, अशोक विश्वकर्मा, विद्यापति विश्वकर्मा, लक्ष्मी प्रसाद विश्वकर्मा, प्रमोद यादव, पीयूष यादव, शंकर प्रसाद विश्वकर्मा, मेल्हू विश्वकर्मा सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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