दुद्धी (सोनभद्र) में बाल विवाह रोका गया, नाबालिग बालिका को सुरक्षित संरक्षण में भेजा गया
दुद्धी (सोनभद्र) में बाल विवाह रोका गया, नाबालिग बालिका को सुरक्षित संरक्षण में भेजा गया
8:27 PM, May 6, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

:दुद्धी, सोनभद्र (06 मई 2026)। जिले के दुद्धी थाना क्षेत्र में बाल विवाह कराए जाने की सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका की शादी रुकवा दी।परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि सूचना प्राप्त होते ही टीम ने संबंधित थाने से समन्वय स्थापित कर मौके पर पहुंचकर बालिका के परिजनों से आयु संबंधी दस्तावेज मांगे। प्रस्तुत प्रमाण पत्रों की जांच में बालिका नाबालिग पाई गई।मौके पर मौजूद चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर सुधा गिरी ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून के अनुसार विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। इससे कम उम्र में किया गया विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है।उन्होंने यह भी बताया कि इस अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, विवाह संपन्न कराने वाले पंडित/काजी तथा इसमें शामिल अन्य वयस्कों को दो वर्ष तक के कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, यदि किसी बच्चे का कम उम्र में जबरन विवाह करा दिया जाता है, तो वह बालिग होने के बाद दो वर्ष के भीतर उस विवाह को शून्य घोषित करवा सकता है।आवश्यक कार्रवाई के तहत दोनों नाबालिग बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां समिति के आदेश पर उन्हें बाल गृह (बालिका), रॉबर्ट्सगंज में सुरक्षित रूप से आवासित कराया गया।इस कार्रवाई के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट से परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह, सुपरवाइजर सुधा गिरी, केसवर्कर सत्यम चौरसिया, बजरंग सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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