स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप से दंपती को मिला 10 लाख का बीमा क्लेम
सोनभद्र। बभनी थाना क्षेत्र के झिल्ली महुआ निवासी एक दंपती को स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप से बेटे की दुर्घटना में मौत के बाद बीमा की धनराशि मिल गई। राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित एडीआर भवन में संचालित स्थायी लोक अदालत में शुक्रवार को सुलह-समझौते के आधार पर एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से दंपती को कुल 10 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया।
5:12 PM, Sep 11, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

डेढ़ साल की पैरवी के बाद हुआ सुलह-समझौता, सुरसतिया और रामलखन को मिले पांच-पांच लाख रुपये के चेकसोनभद्र। बभनी थाना क्षेत्र के झिल्ली महुआ निवासी एक दंपती को स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप से बेटे की दुर्घटना में मौत के बाद बीमा की धनराशि मिल गई। राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित एडीआर भवन में संचालित स्थायी लोक अदालत में शुक्रवार को सुलह-समझौते के आधार पर एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से दंपती को कुल 10 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने सुरसतिया और रामलखन को पांच-पांच लाख रुपये के चेक सौंपे।झिल्ली महुआ, पोस्ट नधिरा, थाना बभनी निवासी सुरसतिया और रामलखन के पुत्र रामनरेश की 10 सितंबर 2020 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। रामनरेश ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी से 10 लाख रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट बीमा कराया था। बीमा की वैधता 12 जून 2020 से 11 जून 2021 तक थी। दुर्घटना बीमा अवधि के दौरान हुई थी।पुत्र की मौत के बाद दंपती ने बीमा कंपनी के समक्ष आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए बीमा की धनराशि का दावा किया। बताया गया कि शुरुआत में कंपनी की ओर से भुगतान का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में बीमा राशि देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद दंपती ने न्याय के लिए 24 अप्रैल 2025 को स्थायी लोक अदालत में वाद दाखिल किया।मामले की सुनवाई के दौरान स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप और प्रयास से दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता हो गया। इसके बाद बीमा कंपनी ने दंपती को 10 लाख रुपये की बीमा राशि देने पर सहमति जताई। शुक्रवार को मामले का निस्तारण करते हुए अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने दोनों वादियों को पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए।स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने बताया कि जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों का निस्तारण स्थायी लोक अदालत के माध्यम से कराया जा सकता है। बिजली, पानी, अस्पताल, परिवहन, बीमा, शिक्षा, डाक और नगर पालिका आदि सेवाओं से संबंधित मामलों में लोग यहां अपनी शिकायत लेकर आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन मामलों में कोर्ट फीस नहीं लगती।स्थायी लोक अदालत के सदस्य नीरज सिंह ने कहा कि मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कराया जाता है। जिले के लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए और जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत का सहारा लेना चाहिए।इस दौरान स्थायी लोक अदालत के सदस्य आशीष मिश्रा, अधिवक्ता अमित वर्मा, जमुना समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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