संस्कारी बालक ही संस्कारी राष्ट्र का भविष्य : राजा देवांश क्रांति ब्रह्म शाह
संस्कारी बालक ही संस्कारी राष्ट्र का भविष्य : राजा देवांश क्रांति ब्रह्म शाह
9:38 PM, Jul 19, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र : विश्व हिंदू परिषद द्वारा संचालित गिरिवासी-वनवासी सेवा प्रकल्प एवं महर्षि वाल्मीकि सेवा संस्थान के विद्यालयों एवं छात्रावासों के आचार्यों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग रविवार को संपन्न हुआ।समापन समारोह की अध्यक्षता प्रकल्प के अध्यक्ष श्री हिमांशु कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बड़हर राज्य के राजा देवांश क्रांति ब्रह्म शाह रहे। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि "संस्कारी बालक ही संस्कारी राष्ट्र का भविष्य होता है।" उन्होंने आचार्यों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ-साथ उत्तम संस्कार, राष्ट्रभक्ति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का विकास करें।उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के संयुक्त क्षेत्र सेवा प्रमुख माननीय राधेश्याम द्विवेदी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद द्वारा संचालित यह प्रकल्प पूरे भारत में स्थापित तीसरे ऐसे प्रकल्प के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ संस्कारों का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। शिशु मंदिर की परंपरा इसी उद्देश्य को साकार करती है।उन्होंने कहा कि प्रत्येक आचार्य को अपने व्यक्तित्व का विकास सरलता, सहजता और उत्कृष्टता के साथ करना चाहिए। आचार्य विद्यार्थियों का पालन-पोषण पिता के समान स्नेह से तथा गुरु के समान ज्ञान देकर उन्हें राष्ट्रभक्त, चरित्रवान एवं समाजोपयोगी नागरिक बनाने का दायित्व निभाएं। साथ ही उन्हें राष्ट्र की मुख्य चिंतनधारा से जोड़कर भारत के गौरवशाली भविष्य के निर्माण में योगदान दें।कार्यक्रम में श्री विद्याशंकर पांडे (जिला अध्यक्ष), श्री विद्याभूषण दुबे (प्रकल्प मंत्री), श्री राकेश जी (सेवा प्रमुख), डॉ. अंबालिका जी, श्री गणेश देव पांडे (प्रधानाचार्य, भारती इंटर कॉलेज), श्री अर्जुन प्रसाद, श्री विजय पाठक, श्री सतीश जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे
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