दुद्धी को जिला बनाने की मांग फिर हुई मुखर, संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन जारी
दुद्धी को जिला बनाने की मांग फिर हुई मुखर, संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन जारी
5:52 PM, Jun 20, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

लोकसभा सीटों के संभावित परिसीमन के बाद दुद्धी को जिला बनाए जाने की उम्मीद जगी : वक्तादुद्धी/सोनभद्र। दुद्धी को अलग जिला बनाए जाने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर "दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा" का आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में शनिवार को मुंसिफ कोर्ट गेट के समक्ष संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार से दुद्धी को शीघ्र जिला घोषित किए जाने की मांग उठाई गई।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दुद्धी क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों की सीमाओं से जुड़ा हुआ है। दुद्धी को जिला बनाए जाने से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को भी नई गति मिलेगी।संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और प्रदेश को सर्वाधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों में शामिल दुद्धी में भविष्य में कई औद्योगिक एवं ऊर्जा परियोजनाओं के विकसित होने की संभावनाएं हैं। ऐसे में बढ़ती आबादी और विकास की जरूरतों को देखते हुए दुद्धी को जिला बनाए जाना समय की मांग है।संघर्ष मोर्चा के संयोजक जितेंद्र कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि देश में प्रस्तावित जनगणना और उसके बाद लोकसभा सीटों के संभावित परिसीमन के मद्देनजर नए प्रशासनिक ढांचे की आवश्यकता बढ़ेगी। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा सीटों की संख्या में संभावित वृद्धि के बाद सोनभद्र से अलग दुद्धी जिले के गठन की संभावनाएं और प्रबल हो सकती हैं। इसके लिए जनआंदोलन को और अधिक व्यापक एवं मुखर बनाया जाएगा।वक्ताओं ने कहा कि कई दशकों से क्षेत्र की जनता "हमारा जिला कहां बनेगा, सोन नदी के दक्षिण में" के नारे के साथ आंदोलन कर रही है। अब समय आ गया है कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दुद्धी को जिला घोषित करे।प्रदर्शन में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभु सिंह, विष्णुकांत तिवारी, जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, जीवन राम चंद्रवंशी, वीरेंद्र कुमार अग्रहरी, आदर्श कुमार जायसवाल, अभिनव कुमार, संजय यादव, शिवसागर गुप्ता, ओमप्रकाश, राकेश कुमार अग्रहरी, सुभेष कुमार मौर्य, राजेंद्र सिंह चंद्रवंशी, अमरावती देवी सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
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