धनंजय सिंह आयाम रक्षा मंत्रालय में बने लेखा परीक्षक, क्षेत्र में हर्ष का माहौल
ग्रामीणों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने धनंजय की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए एक मिसाल है। विशेष रूप से आदिवासी समाज के युवाओं के लिए यह संदेश है कि कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है।
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12:12 PM, Apr 11, 2026
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Edited by: Ashish Gupta
, Reported By: Jitendra Chandravanshi

File Photo : Dhananjay Singh Ayam
दुद्धी सोनभद्र।सोनभद्र जिले के दुद्धी विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत महुली के लिए आज गर्व और हर्ष का विषय है कि गांव के प्रतिभाशाली युवा धनंजय सिंह आयाम ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आदिवासी समाज से आने वाले धनंजय सिंह आयाम का चयन एसएससी सीजीएल 2025 के माध्यम से रक्षा मंत्रालय के सीजीडीए विभाग में लेखा परीक्षक (ऑडिटर) पद पर हुआ है, जिससे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है।
धनंजय की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा अपने नाना के घर सिंगरौली में रहकर हुई। उन्होंने वर्ष 2019 में सीबीएसई बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया। इसके बाद वर्ष 2021 में 12वीं (सीबीएसई) में 83 प्रतिशत अंक हासिल किए। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वर्ष 2024 में बीएससी माइक्रोबायोलॉजी की डिग्री 6.9 सीजीपीए के साथ पूर्ण की।
धनंजय के पिता प्रभाकर नंदन सिंह आयाम एवं माता संगीता देवी ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने पुत्र को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है। उनकी इस सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में गर्व का माहौल है।
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ग्रामीणों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने धनंजय की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए एक मिसाल है। विशेष रूप से आदिवासी समाज के युवाओं के लिए यह संदेश है कि कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है।
आज धनंजय सिंह आयाम न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे महुली गांव के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। उनकी यह उपलब्धि निश्चित रूप से अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।






