यूपी पंचायत चुनाव 2026: अंतिम मतदाता सूची जारी, चुनावी तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
प्रत्येक जिले में जिला प्रशासन की ओर से मतदाता सूची उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग प्रदेशभर के आंकड़ों का संकलन कर रहा है।
lucknow
4:31 PM, Jun 10, 2026
Share:
Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Digital Desk

Photo : Sonprabhat News Ai
Digital Desk लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया है। जिला स्तर पर मतदाता सूची को सार्वजनिक कर दिया गया है, जिसके बाद चुनावी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
आयोग द्वारा पहले 23 दिसंबर को अनंतिम मतदाता सूची जारी की गई थी। इसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों की विस्तृत जांच तथा निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की गई। सभी आवश्यक संशोधनों के उपरांत अब अंतिम मतदाता सूची को स्वीकृति देकर जिलों में प्रकाशित कर दिया गया है। प्रत्येक जिले में जिला प्रशासन की ओर से मतदाता सूची उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग प्रदेशभर के आंकड़ों का संकलन कर रहा है।
इस बार पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया गया है। मतदाताओं को पहचान और चुनावी प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नौ अंकों का नया स्टेट वोटर नंबर प्रदान किया गया है। इससे मतदाताओं की पहचान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और प्रभावी होने की उम्मीद है।
विज्ञापन

पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर संशोधन किए गए। आयोग के अनुसार लगभग 1.41 करोड़ नाम विभिन्न कारणों से सूची से हटाए गए, जबकि 40.19 लाख नए मतदाताओं को जोड़ा गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना था।
यह भी पढ़ें
हालांकि अंतिम सूची जारी होने के बाद कुछ स्थानों से ऑनलाइन डाउनलोड करने में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। संबंधित विभाग द्वारा इन दिक्कतों को दूर करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मतदाता बिना किसी परेशानी के अपनी जानकारी प्राप्त कर सकें।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पिछले पंचायत चुनाव की तुलना में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आयोग को अंतिम मतदाता सूची तैयार करने में लगभग 169 दिनों का समय लगा। इस दौरान पंचायत चुनावों में हो रही देरी को लेकर उच्च न्यायालय ने भी राज्य निर्वाचन आयोग से सवाल पूछे थे और चुनाव कार्यक्रम की समयसीमा स्पष्ट करने को कहा था।
अब जबकि अंतिम मतदाता सूची जारी हो चुकी है, राजनीतिक दलों, संभावित प्रत्याशियों और प्रशासनिक तंत्र की निगाहें पंचायत चुनाव की अधिसूचना पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है, जिससे प्रदेश भर में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां और तेज हो जाएंगी।






