जिला खाद्य विपणन अधिकारी की संदिग्ध भूमिका की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करें : अभय पटेल
जिला खाद्य विपणन अधिकारी की संदिग्ध भूमिका की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करें : अभय पटेल
9:36 PM, Aug 9, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। प्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित अति पिछड़े जनपद सोनभद्र में किसानों की समस्याओं को लेकर युवा राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश सचिव अभय पटेल ने जिला प्रशासन से गंभीर शिकायतों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।अभय पटेल का आरोप है कि जिले के कई क्रय केंद्रों पर किसानों से धान और गेहूं खरीद के दौरान अनियमितता एवं कथित अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से चतरा क्रय केंद्र की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्र प्रभारी अरुण कुमार शुक्ला की भूमिका की जांच की मांग की है।उनका आरोप है कि धान खरीद के दौरान किसानों के बजाय व्यापारियों एवं मिलरों से कथित रूप से धन लेकर धान खरीद के कागजात तैयार किए गए।
साथ ही किसानों से प्रति ट्रॉली बख्शीश के नाम पर 100-200 रुपये, झरना के नाम पर 300 रुपये, सुतली के लिए 200 रुपये तथा पल्लेदारी के नाम पर 25 रुपये प्रति क्विंटल की वसूली किए जाने की शिकायत भी की गई थी।अभय पटेल के अनुसार, गेहूं खरीद के दौरान जूट की बोरियों में लगभग 51.200 से 51.300 किलोग्राम तथा प्लास्टिक की बोरियों में लगभग 50.200 से 50.300 किलोग्राम वजन किए जाने और पल्लेदारी के नाम पर 30 रुपये प्रति क्विंटल वसूले जाने का भी आरोप है।
उन्होंने बताया कि इन शिकायतों को लेकर मई माह में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के निस्तारण की जिम्मेदारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप कुमार श्रीवास्तव को मिली थी। अभय पटेल का आरोप है कि शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता से संपर्क किए बिना तथा स्थलीय निरीक्षण किए बिना केवल केंद्र प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर किया गया।अभय पटेल ने आरोप लगाया कि शिकायत के निस्तारण में महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल नहीं किया गया और मामले की पूरी जांच किए बिना शिकायत का निस्तारण कर दिया गया। इसी आधार पर उन्होंने जिला खाद्य विपणन अधिकारी और संबंधित केंद्र प्रभारी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की स्वयं अथवा किसी स्वतंत्र अधिकारी से जांच कराई जाए। यदि जांच में किसानों से अवैध वसूली अथवा खरीद में अनियमितता के आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए तथा किसानों से वसूली गई धनराशि की नियमानुसार वसूली कर उन्हें वापस दिलाई जाए।
अभय पटेल ने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा मिलीभगत जांच में सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसानों का सरकारी खरीद व्यवस्था पर विश्वास कायम रहे।






