विश्व आदिवासी दिवस पर दुद्धी में सांस्कृतिक कार्यक्रम, शिक्षा, अधिकारों के हनन और जल-जंगल-जमीन के मुद्दों पर हुई चर्चा
विश्व आदिवासी दिवस पर दुद्धी में सांस्कृतिक कार्यक्रम, शिक्षा, अधिकारों के हनन और जल-जंगल-जमीन के मुद्दों पर हुई चर्चा
9:34 PM, Aug 9, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

दुद्धी (सोनभद्र)। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार, 9 अगस्त 2026 को दुद्धी के रामलीला खेल मैदान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की शिक्षा, अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और गौरवशाली इतिहास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर वक्ताओं ने विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रकृति शक्ति एवं आदि बड़ा देव के सुमिरन तथा 52 गढ़ और 57 परगना के देवी-देवताओं के आह्वान एवं पूजन के साथ किया गया। धर्माचार्य रामनाथ श्याम एवं सुरेंद्र पोया द्वारा धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ी आदिवासी गीतों और डीजे की धुन पर गोंडी परिधानों में सजे-धजे युवा-युवतियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। आदिवासी समाज के लोगों ने नगर भ्रमण भी किया।
इसके उपरांत रामलीला खेल मैदान में सभा का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी समाज के अधिकार सुनिश्चित करने, जनगणना में आदिवासी धर्म कोड लागू करने तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में आबादी के अनुपात में आदिवासी समाज की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और उसकी संस्कृति, परंपरा एवं पहचान की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। शिक्षा के क्षेत्र में आदिवासी समाज के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा उनके अधिकारों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया।
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कार्यक्रम में कर्मा-शैला का शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। आदिवासी युवतियों की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुख्य संरक्षक संजय गोंड धुर्वे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष श्रवण सिंह गौड़, विजय सिंह उइके, सुरेंद्र पोया, सोमरू, संतोष एडवोकेट, दिनेश यादव, जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, राजेंद्र एडवोकेट, हरिकिशुन, देव कुमार, जवाहर परस्ते, अमर सिंह मरावी, लालमोहन उइके, रघुवीर सिंह मरावी एवं सजनरायन सहित अन्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन फौजदार सिंह परस्ते ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।






