कचनरवा पीएच सी में डॉक्टर नदारद, लोगों ने किया जोरदार प्रदर्शन
कचनरवा पीएच सी में डॉक्टर नदारद, लोगों ने किया जोरदार प्रदर्शन
7:58 PM, May 18, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

कोन सोनभद्र - नव सृजित विकास खण्ड कोन/ सीएचसी चोपन अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कचनारवा चिकित्सक विहीन है। बतातें चलें कि उक्त स्वास्थ्य केन्द्र पर एक फर्मासिस्ट, एक संविदा एएनम, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक चिकित्सक की नियुक्ति है पर विडंबना है कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक वर्षों से लगभग समय गायब रहते हैं। मिली जानकारी के अनुसार चिकित्साधिकारी महीनें में कभी एक दिन के लिए आकर महीने भर की कागजी कोरम पूरा कर लेते हैं। जिसके क्रम में सोमवार को स्थानीय लोगों द्वारा जोरदार प्रदर्शन कर चिकित्सक की नियमित ड्यूटी लगाने व ऐसे लापरवाह चिकित्साधिकारी के उपर नकेल कसने की मांग किया है। वहीं वरिष्ट समाज सेवी जोखन प्रसाद व गंगा प्रसाद सहित कैलास राम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के उपर आरोप लगाया है कि पीएचसी कचनारवा पर जब चिकित्सक की ड्यूटी है तो आखिर किन कारणों से हॉस्पिटल में नहीं दिखते हैं जबकि स्थानीय लोग ईलाज के लिए दर दर की ठोकर खा रहे हैं और झोला छाप डॉक्टरों की शरण में जाकर जान तक गंवाने को मजबूर हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था पर सवालिया निशान लगना लाजिमी हैं। गौरतलब है कि पीएचसी कचनारवा लगभग 12 किलोमीटर चारों तरफ से घिरा है यहाँ भोली भाली जनता ईलाज के लिए परेशान है पर विभाग के कान तक इसकी आवाज सुनाई नहीं दे रही है और वहीं इन दिनों हॉस्पिटल अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है यहाँ न तो शौचालय का व्यवस्था सही और न ही कैंपस में बिजली की व्यवस्था। विषम परिस्थितियों में रात में आने वाले मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बतादें कि यहाँ चारों तरफ झाड़ी व गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जहाँ एक तरफ प्रदेश के यश्ववी मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री गरीबों के स्वास्थ्य सेवा के लिए कटिवद्ध हैं वहीं ऐसे गैर जिम्मेदार चिकित्सक के द्वारा लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जो जनहित में नहीं है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से जोखन प्रसाद, बिहारी प्रसाद यादव, गंगा प्रसाद,अमरकेश, कैलास, रघुवर प्रसाद आदि शामिल रहे। वहीं पीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी कचनारवा से सेल फोन पर पक्ष जानने का प्रयास किया गया किन्तु कॉल रीसीव नहीं हुआ बल्कि उन्होंने अपने फर्मासिस्ट को कॉल करके जानकारी जरूर ली किन्तु पत्रकारों से बात करना उचित नहीं समझा । इस बावत सी एच सी अधीक्षक चोपन ने कहा कि पता करते हैं आखिर वास्तविकता क्या है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर पी के राय ने सेल फोन पर बताया कि पता करते हैं। आखिर सबसे बड़ा सवाल कि शीर्ष पद पर बैठे अधिकारियों को इसकी जानकारी कैसे नहीं है। लोगों के जेहन में सवाल है कि क्या लोगों को चिकित्सा सुविधा मिल पायेगी या लोग झोला छाप डॉक्टरों की शरण में जाकर अपनी जान गंवाते रहेंगे। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी से मांग किया है कि ऐसे लापरवाह डॉक्टर को तत्काल बर्खास्त कर अन्य डॉक्टर की नियुक्ति की जाय।
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