दुद्धी में भावुक विदाई समारोह: प्राचार्य डॉ. रामसेवक सिंह यादव के समर्पित शैक्षिक योगदान को किया गया नमन
सेवानिवृत्ति पर वर्तमान व पूर्व छात्रनेताओं ने किया सम्मान, बोले— "पद से सेवानिवृत्ति हो सकती है, ज्ञान और संस्कार कभी नहीं"
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11:28 AM, Jul 3, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Jitendra Chandravanshi

Photo : Sonprabhat News
दुद्धी, सोनभद्र। भाऊराव देवरस राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुद्धी के प्राचार्य एवं समाजशास्त्र के विशिष्ट विद्वान डॉ. रामसेवक सिंह यादव के सेवानिवृत्ति अवसर पर महाविद्यालय परिसर में वर्तमान एवं पूर्व छात्रनेताओं द्वारा एक भावुक सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम में अपनत्व, सम्मान, कृतज्ञता और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला।

Photo : Sonprabhat News
समारोह में वक्ताओं ने डॉ. यादव के लंबे शैक्षिक जीवन और उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सदैव प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में महाविद्यालय ने अनुशासन, शैक्षणिक उत्कृष्टता और सकारात्मक शैक्षिक वातावरण के नए मानदंड स्थापित किए, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
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कार्यक्रम में महाविद्यालय के वर्तमान प्रभारी प्राचार्य डॉ. राजेश भारती सहित पूर्व छात्रनेता सौरभ अग्रहरि, पूर्व उपाध्यक्ष श्रेयांशु अग्रहरि (रोशन), करन प्रताप सिंह, ओम अग्रहरि, अभय यादव, स्वास्तिक चतुर्वेदी, ठाकुर एकलव्य प्रताप सिंह, कार्तिक सिंह, प्रियांशु गुप्ता, राम तथा अन्य छात्र-छात्रनेताओं ने डॉ. रामसेवक सिंह यादव को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
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अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि "पद से सेवानिवृत्ति संभव है, लेकिन ज्ञान, संस्कार और आदर्श कभी समाप्त नहीं होते।" उन्होंने कहा कि डॉ. यादव की विनम्रता, अनुशासनप्रियता और दूरदर्शी नेतृत्व ने महाविद्यालय को ऐसी अमूल्य विरासत दी है, जो वर्षों तक विद्यार्थियों और शिक्षकों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
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समारोह के दौरान अनेक वक्ताओं ने डॉ. यादव के साथ बिताए गए संस्मरण साझा किए। उपस्थित लोगों ने कहा कि उनकी विदाई केवल एक औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे महाविद्यालय परिवार के लिए भावनात्मक क्षण है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान और विद्यार्थियों के प्रति उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सभी उपस्थित जनों ने डॉ. रामसेवक सिंह यादव के स्वस्थ, सुखद, सफल एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएँ करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।






