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उरमौरा ढाबे के पास स्कूली वाहन का अगला चक्का टूटा, बाल-बाल बचे करीब 20 बच्चे

रॉबर्ट्सगंज। मंगलवार सुबह करीब सात बजे उरमौरा ढाबे के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्लेनहिल स्कूल रॉबर्ट्सगंज के बच्चों को लेकर जा रहे एक स्कूली वाहन का अचानक अगला चक्का टूट गया। हादसे के समय वाहन में करीब 20 बच्चे सवार बताए जा रहे हैं। चक्का टूटने से वाहन अनियंत्रित हो गया, लेकिन चालक की सतर्कता और गनीमत से बड़ा हादसा टल गया। सभी बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं

11:13 AM, Sep 15, 2026

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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live


उरमौरा ढाबे के पास स्कूली वाहन का अगला चक्का टूटा, बाल-बाल बचे करीब 20 बच्चे
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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क



रॉबर्ट्सगंज। मंगलवार सुबह करीब सात बजे उरमौरा ढाबे के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्लेनहिल स्कूल रॉबर्ट्सगंज के बच्चों को लेकर जा रहे एक स्कूली वाहन का अचानक अगला चक्का टूट गया। हादसे के समय वाहन में करीब 20 बच्चे सवार बताए जा रहे हैं। चक्का टूटने से वाहन अनियंत्रित हो गया, लेकिन चालक की सतर्कता और गनीमत से बड़ा हादसा टल गया। सभी बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही कुछ अभिभावक और स्कूल प्रशासन के लोग मौके पर पहुंच गए। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें दूसरे वाहन से स्कूल भेजा गया। घटना के बाद अभिभावकों में काफी चिंता देखने को मिली। हालांकि, किसी भी बच्चे के घायल होने की सूचना नहीं है।


स्कूली वाहनों की फिटनेस पर उठे सवाल

घटना ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वाहनों की नियमित जांच और समय-समय पर रखरखाव बेहद जरूरी है। चलते वाहन का अगला चक्का अचानक टूटना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक की ओर संकेत करता है।


अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच
को महज कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए। वाहनों की सड़क पर वास्तविक स्थिति, टायर, ब्रेक, स्टीयरिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी नियमित जांच की जानी चाहिए।
परिवहन विभाग की जांच व्यवस्था पर भी सवाल

एक ओर परिवहन विभाग की ओर से स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा को लेकर अभियान चलाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं जांच व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्कूल प्रबंधन से भी बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च
प्राथमिकता देते हुए वाहनों के नियमित रखरखाव, फिटनेस प्रमाणपत्र की निगरानी और चालकों की सतर्कता सुनिश्चित करने की मांग की है। हादसे में किसी बच्चे के घायल नहीं होने से सभी ने राहत की सांस ली, लेकिन घटना ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जरूरत जरूर सामने ला दी है !

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