Sonbhadra crime:रोजी-रोटी की तलाश में गए थे मीरजापुर, शव बनकर लौटे चार मजदूर, तीन की जली चिता, एक को दफनाया
सोनभद्र/जुगैल। मीरजापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौती देई स्थित क्रशर प्लांट में शनिवार को हुए दर्दनाक खनन हादसे में जान गंवाने वाले चार मजदूरों के शव रविवार सुबह उनके पैतृक गांव जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गांवां पहुंचते ही कोहराम मच गया।
7:41 PM, Sep 6, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

क्रशर हादसे में चार मजदूरों की मौत से बड़गांवां में मचा कोहराम
एक साथ पहुंचे चार शव तो चीत्कार से दहल उठा गांव, तीन का दाह संस्कार, एक को दफनाया गया
सोनभद्र/जुगैल। मीरजापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौती देई स्थित क्रशर प्लांट में शनिवार को हुए दर्दनाक खनन हादसे में जान गंवाने वाले चार मजदूरों के शव रविवार सुबह उनके पैतृक गांव जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गांवां पहुंचते ही कोहराम मच गया। रातभर अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे परिजनों की आंखों के सामने जब लाल बहादुर, अशोक गोंड, राकेश और दुर्योधन के शव पहुंचे तो चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। शवों को देखकर परिजन और ग्रामीण एक-दूसरे से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़े।
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पुलिस की निगरानी में चारों शव एंबुलेंस से गांव लाए गए। शव एंबुलेंस से उतरते ही परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। हृदय विदारक दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरे गांव में मातम पसरा रहा।
इसके बाद चारों शवों को गुजरी टोला स्थित सोन नदी के किनारे ले जाया गया। वहां लाल बहादुर, राकेश और दुर्योधन के शवों का दाह संस्कार किया गया, जबकि अशोक गोंड के शव को स्वजन ने दफना दिया। बताया जा रहा है कि अशोक के स्वजन ईसाई धर्म को मानते हैं, जिसके चलते उनका अंतिम संस्कार दफनाकर किया गया।
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जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बंधाया ढांढस
शवों के गांव पहुंचने से पहले ही क्षेत्रीय विधायक एवं राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड, क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय, उपजिलाधिकारी ओबरा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल कुमार यादव, बच्चा यादव, रमेश यादव और जमुना यादव समेत कई लोग गांव पहुंच गए थे। सभी ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
दो पत्नियों और बच्चों को छोड़ गया राकेश
बड़गांवां निवासी राकेश ने दो शादियां की थीं। उसने वर्ष 2014 में पहली शादी की थी। पहली पत्नी से उसकी नौ वर्ष की बेटी है। वर्ष 2020 में उसने दूसरी शादी की। दोनों पत्नियां उसके साथ ही रहती थीं।
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राकेश की दूसरी पत्नी संगीता ने बताया कि वह तीन माह पहले गर्भवती थी, लेकिन अचानक उसका गर्भ खराब हो गया था। परिवार इस दुख से उबर भी नहीं पाया था कि अब राकेश की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। राकेश मंगलवार को मजदूरी करने के लिए मीरजापुर गया था, जहां हादसे में उसकी जान चली गई।
पूर्व प्रधान का पुत्र था अशोक, बेटियों की शादी की थी चिंता
मृतक अशोक गोंड गांव के पूर्व प्रधान का पुत्र था। उसकी दो बेटियां शादी योग्य हैं। बेटियों की शादी धूमधाम से करने और परिवार का भविष्य संवारने की उम्मीद में अशोक मजदूरी करने मीरजापुर गया था। हादसे में उसकी मौत के बाद अब पत्नी के सामने बच्चों की परवरिश के साथ बेटियों की शादी की जिम्मेदारी भी आ गई है।
दुर्योधन के तीन तो लाल बहादुर के पांच बच्चे
हादसे में जान गंवाने वाले दुर्योधन की शादी करीब आठ वर्ष पहले हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। वहीं लाल बहादुर की शादी करीब 12 वर्ष पहले जुगैल के भड़ाही टोला निवासी कविता से हुई थी। उसके पांच बच्चे हैं। चार परिवारों में हुई इस जनहानि ने बच्चों से पिता का साया छीन लिया है। हादसे के बाद गांव में हर तरफ मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।चाहें तो मैं इसका और ज्यादा प्रभावी 8–10 शब्दों का मुख्य शीर्षक और 2 लाइन का अखबारी इंट्रो भी बना सकता हूं।






