लाखों रुपये की लागत से लगी हाईमास्ट लाइट आठ माह से बंद, अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण
चिलकाडांड में बरसात के बीच बढ़ी दुर्घटना और विषैले जीवों का खतरा, शिकायत के बाद भी नहीं हुई मरम्मत
sonbhadra
11:24 AM, Jul 17, 2026
Share:
Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Prashant Dubey

Photo : Sonprabhat News
म्योरपुर, सोनभद्र | म्योरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत चिलकाडांड में आदर्श पब्लिक स्कूल के सामने (भोला सिंह के घर के पास) लाखों रुपये की लागत से स्थापित हाईमास्ट लाइट पिछले लगभग आठ महीनों से खराब पड़ी है। लंबे समय से बंद पड़ी इस हाईमास्ट लाइट के कारण स्थानीय लोगों को रात के समय भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों सविता, पप्पू सिंह, अमरजीत, दिनेश, सीतापति, नीरपति, सुनील, अरविंद, भोला सिंह, हरिराम एवं वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि हाईमास्ट लाइट बंद होने से क्षेत्र में अंधेरा छाया रहता है, जिससे विशेषकर छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में कठिनाई होती है।

विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों बरसात का मौसम होने के कारण सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीव-जंतुओं के निकलने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में सड़क और आसपास अंधेरा रहने से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना या अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य सृध्रा मिश्रा ने बताया कि उक्त हाईमास्ट लाइट क्षेत्र पंचायत के कोटे से लगवाई गई थी। वहीं ग्रामीण वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पूर्व खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा को लिखित पत्र देकर हाईमास्ट लाइट की मरम्मत कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
यह भी पढ़ें
इस संबंध में जब ग्राम पंचायत अधिकारी सुनील कुमार यादव से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने पहले बताया कि हाईमास्ट लाइट एनटीपीसी द्वारा लगवाई गई है। बाद में उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उनके अधीन स्थानांतरित नहीं की गई है।
विज्ञापन
वहीं सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) अजय सिंह से इस विषय में जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है और जानकारी प्राप्त कर बाद में अवगत कराएंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हाईमास्ट लाइट की मरम्मत कराकर क्षेत्र में पुनः प्रकाश व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है, ताकि लोगों को अंधेरे से निजात मिल सके और बरसात के मौसम में संभावित दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।






