किसानों को लागत पर 40 फीसदी अनुदान, प्रमाणित बीज भी उपलब्ध कराएगा उद्यान विभाग
सोनभद्र। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लहसुन और प्याज की खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एकीकृत बागवानी मिशन के मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत किसानों को खेती की निर्धारित लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा
8:04 PM, Sep 21, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र में 200 हेक्टेयर में होगी लहसुन-प्याज की खेती
सोनभद्र। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लहसुन और प्याज की खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एकीकृत बागवानी मिशन के मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत किसानों को खेती की निर्धारित लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम के अनुसार, जिले में 100 हेक्टेयर में प्याज और 100 हेक्टेयर में लहसुन की खेती कराई जानी है। योजना के तहत दोनों फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर निर्धारित लागत 50 हजार रुपये है। इस पर 40 प्रतिशत की दर से किसानों को 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा। इससे किसानों को फसल की शुरुआती लागत में राहत मिलेगी।प्रमाणित बीज की भी व्यवस्थाकिसानों को बेहतर उत्पादन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
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विभाग के माध्यम से राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ) से उच्च गुणवत्ता वाले लहसुन और प्याज के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण बीज से फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार में मदद मिलेगी।
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पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा लाभ
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जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ प्रथम आवक, प्रथम पावक के आधार पर दिया जाएगा। ऐसे में इच्छुक किसानों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है। किसान उद्यान विभाग की डीबीटी वेबसाइट पर पंजीकरण कर आवेदन कर सकते हैं।विभाग के अनुसार, योजना का उद्देश्य जिले में लहसुन और प्याज के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ किसानों को वैकल्पिक एवं लाभकारी उद्यानिकी फसलों से जोड़ना है।






