सोनभद्र में मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, नाबालिग को बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
सोनभद्र में मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, नाबालिग को बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
7:09 AM, Jun 5, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

आगरा-जयपुर तक फैले नेटवर्क का खुलासा, लाखों रुपये के लेन-देन की जांच जारी
सोनभद्र। मानव तस्करी के संगठित गिरोह के खिलाफ सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर विभिन्न राज्यों में बेचने वाले गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए आगरा और जयपुर तक फैले मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच में लाखों रुपये के लेन-देन की जानकारी भी सामने आई है।
*पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस द्वारा महिला एवं बाल अपराध तथा मानव तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
*थाना रॉबर्ट्सगंज पर दर्ज मुकदमा* संख्या 109/2026, धारा 137(2), 143(4), 98, 61(2), 64(2)(एम) बीएनएस तथा धारा 16/17 पॉक्सो एक्ट के तहत वांछित अभियुक्तों की तलाश की जा रही थी।
इसी क्रम में 4 जून 2026 को उपनिरीक्षक योगेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर रॉबर्ट्सगंज फ्लाईओवर के नीचे से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
*पूछताछ और विवेचना में सामने* आया कि आरोपियों ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर मानव तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में कई व्यक्तियों को आर्थिक लाभ के लिए सौंपा और बेचा। इस दौरान पीड़िता का शारीरिक एवं मानसिक शोषण भी किया गया। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्यों द्वारा बालिका के बदले लाखों रुपये का लेन-देन किया गया।
पीड़िता के न्यायालय में दर्ज बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में विपिन पुत्र रमाशंकर उर्फ गन्नू निवासी दुमदुमा थाना चुनार जनपद मिर्जापुर तथा काजल उर्फ मंजू पत्नी पवन चौधरी निवासी थाना कोन जनपद सोनभद्र शामिल हैं।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक योगेन्द्र पाण्डेय, हेड कांस्टेबल संजीव राय, हेड कांस्टेबल संदीप राय, कांस्टेबल मनीष यादव एवं महिला कांस्टेबल आकृति मिश्रा शामिल रहीं।
पुलिस द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश एवं पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच जारी है। पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।
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