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यूपी में ग्राम प्रधानों को मिला 6 महीने तक प्रशासक का अधिकार, आदेश जारी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 के पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायतों की पहली बैठक होने तक अथवा अधिकतम छह माह की अवधि तक, जो भी पहले हो, वर्तमान ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। इसका मतलब साफ है कि सरकार को अगले छह महीनों के भीतर पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी है।

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9:16 PM, May 25, 2026

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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Digital Desk

यूपी में ग्राम प्रधानों को मिला 6 महीने तक प्रशासक का अधिकार, आदेश जारी।

Photo : Sonprabhat News (AI)

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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, वर्ष 2021 में गठित ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद नई ग्राम पंचायतों के गठन तक वर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

सबसे महत्वपूर्ण बात शासनादेश के तीसरे बिंदु में कही गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 के पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायतों की पहली बैठक होने तक अथवा अधिकतम छह माह की अवधि तक, जो भी पहले हो, वर्तमान ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। इसका मतलब साफ है कि सरकार को अगले छह महीनों के भीतर पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी  है।

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शासनादेश के अनुसार, यह व्यवस्था केवल अंतरिम अवधि के लिए लागू होगी ताकि पंचायतों का प्रशासनिक कार्य बाधित न हो। वर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में सामान्य और दैनिक कार्यों का संचालन करेंगे, लेकिन उन्हें किसी प्रकार के बड़े नीतिगत निर्णय लेने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी विशेष परिस्थिति में नीतिगत निर्णय की आवश्यकता होगी, तो प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर स्वीकृति लेनी होगी।

सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को 27 मई 2026 से वर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में नामित करने का अधिकार भी दे दिया है।

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राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह संकेत मिल रहा है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद कराए जा सकते हैं। साथ ही, सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि गांवों में विकास और प्रशासनिक कार्य बिना रुकावट जारी रहें।

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