फ्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की हर घर नल योजना फ्लाप, ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन
सोनभद्र -जनपद के नव सृजित विकास खंड कोन अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत शुरू की गई हर्रा कदरा ग्राम समूह पेयजल योजना क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए अभिशाप साबित हो रही है। फ्लोरोसिस से प्रभावित क्षेत्रों में भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लि. की मनमानी
7:51 PM, Sep 5, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

सोनभद्र -जनपद के नव सृजित विकास खंड कोन अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत शुरू की गई हर्रा कदरा ग्राम समूह पेयजल योजना क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए अभिशाप साबित हो रही है। फ्लोरोसिस से प्रभावित क्षेत्रों में भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लि. की मनमानी और उदासीनता के कारण सरकारी धन का खुलेआम बंदरबांट किया गया है जिसका जीता जागता उदाहरण लोग आज भी फ्लोराइड युक्त या नदी-नालों का दूषित पानी पीने को विवश है। सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल योजना धरातल पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है। कई ग्राम पंचायतों में नल कनेक्शन का कार्य पूरा नहीं हो सका है, लेकिन संबंधित संस्था के कुछ कारखासों कागजों पर इसे पूर्ण दिखा दिया गया है। ग्रामीणों के बार-बार प्रदर्शन के बाद संस्था ने सच्चाई छिपाने के लिए आनन-फानन में सड़कों के किनारे पाइप ढकने और नल कनेक्शन की मरम्मत का काम शुरू किया था किंतु वह भी धरा रह गया। बतादें कि कई जगहों पर डीआई पाइपलाइन, एच डी पी, एमडीपीई पाइपलाइन की गहराई मानक के अनुरूप नहीं है बल्कि पाईप की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाना लाजिमी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि आधार कार्ड के आधार पर कनेक्शन दिए गए, लेकिन कई वर्षो से नलों से एक बूंद पानी नहीं आ रहा है। संस्था के कुछ चुनिंदा कर्मचारियों पर संबंधित विभाग व आम जनता को गुमराह करने, तथा कनेक्शन व मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति कर कागजी कोरम पूरा करने का आरोप है।
फ्लोरोसिस प्रभावित कचनरवा, कुड़वा जैसे क्षेत्रों में यह योजना अभिशाप बन गई है। ग्रामीणों के अनुसार संस्था द्वारा दो वर्षों से अधिक समय से कचनरवा के टोला असनाबांध लिंक रोड वार्ड नंबर 3 में जलापूर्ति नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने सीएम हेल्प लाइन , संबंधित पोर्टल पर भी शिकायत की, लेकिन संबंधित विभाग ने बिना कार्य पूरा किए ही जाँच आख्या लगा दी, जिससे विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आज भी सिधवादामर, कुड़वा सहित अन्य स्थानों के लोग नदी-नाले और चुआंड से पानी पीने को मजबूर हैं। सामाजिक कार्यकर्ता जोखन प्रसाद यादव व वन समिति अध्यक्ष बिहारी प्रसाद यादव ने संस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि नदी नाले के दूषित पानी पीने से जवान बूढ़े दिखने लगे हैं, बच्चों के दांत पीले पड़ रहे हैं, और लोग फ्लोरोसिस की चपेट में आकर काल के मुँह में समा जा रहे हैं। कचनरवा ग्राम पंचायत के असनाबांध वार्ड-3 व वार्ड 2 , बड़ाप, मधुरी, नरोइयादामर् , रोहिनवादामर्, बागेसोती, सिंगा, डुबवा, धौरवादामर,सेमरवादामर, गोबरदाहा, डीलवाहा, शिवाखाड़ी, धीचोरवा, बिछमरवा, केवाल, पीपरखाड़ , भालुकूदर्, गीधिया, ललकीदामर , भरनासीली, चरकपथली, नकतवार , सहित कई गांवों में जलापूर्ति वर्षों से ठप है। बतादें कि टंकी से सटा गांव बड़ाप और कचनरवा यादव बस्ती, मुख्य बाजार आज भी कनेक्शन से वंचित है।
जिसके क्रम में शनिवार को सुधीर की अगुवाई में कचनरवा के टोला असनाबांध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने नियमित पानी आपूर्ति की मांग करते हुए जल निगम और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध जमकर नारेबाजी किया। जिला पंचायत सदस्य छविंद्र नाथ, समाजसेवी गंगा प्रसाद यादव , बिहारी प्रसाद यादव , रामप्यारे बियार, मोहर, बचई ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लगभग दो वर्षों से जला पूर्ति नहीं हो पा रही है लोग किसी तरह से अन्य लोगों के घरों से व नदी नाले का पानी पीने को मजबूर हैं और फ़्लोरोसिस की चपेट में आकर अपनी जान तक गवां दे रहे हैं।और वहीं ग्राम पंचायत कचनरवा के टोला असना बांध में रामप्यारे बियार के घर के पास कई वर्षों से हैंड पम्प बंद पड़ा है जिसके क्रम में स्थानीय लोगों द्वारा कई बार संबंधित प्रति निधि व सचिव को अवगत कराया लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस बावत ए डी ओ पंचायत महिपाल लकड़ा ने कहा कि प्रकरण की जाँच कर कार्रवाई की जायेगी।लेकिन गरीबों की आवाज उन संस्था के भ्रष्ट अधिकारियों तक नहीं पहुँच रही है और वहीं संबंधित संस्था ने अपनी पीठ थपथपाने के लिए अधिकांश ग्राम प्रधानों और पंचायत की जल समितियों से झूठे प्रमाण पत्र बनवाकर व फर्जी वीडियो बनाकर, जल अर्पण जैसे कार्यक्रम शासन स्तर पर भेजे और सरकारी धन का बंदरबांट किया गया।
ग्रामीणों ने सूबे के मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और भ्रष्ट कार्यदायी संस्था को तत्काल ब्लैक लिस्टेड कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है ताकि सरकार की छवि धूमिल न हो।
इस बावत ए ई ममूर अली (जल निगम) ने कहा कि अभी कुछ गाँवों में जलापूर्ति शुरु की गई है और कुछ जगहों पर पाईप डैमेज होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है, जिसे जल्द ही बनवा दिया जायेगा।उसके बाद ही लोगों को नियमित पानी मिलने लगेगा। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की यह महत्वाकांक्षी परियोजना को संबंधित विभाग के अधिकारियों के आश्वासन पर कब तक लोगों को पानी मिलता है।
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