एक सप्ताह से ठप खैराही का आरओ प्लांट द्वितीय, फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
म्योरपुर/सोनभद्र। म्योरपुर विकास खंड क्षेत्र के खैराही गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है।
2:31 PM, Apr 23, 2026
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Edited by: Sonprabhat News Desk
, Reported By: Babu Lal Sharma / Prashant Dubey

Image : Sonprabhat News
Sonbhadra News: म्योरपुर/सोनभद्र। म्योरपुर विकास खंड क्षेत्र के खैराही गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर फ्लोराइड से बचाव के लिए ग्रासिम इंडस्ट्रीज रेणूकूट द्वारा स्थापित आरओ प्लांट द्वितीय पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। प्लांट के बंद होने से गांव की बड़ी आबादी शुद्ध पेयजल से वंचित हो गई है।
आधी आबादी प्रभावित, शुद्ध पानी के लिए भटक रहे लोग
ग्रामीणों के अनुसार, खैराही गांव की लगभग आधी आबादी इस आरओ प्लांट पर निर्भर थी। प्लांट बंद होने के कारण लोगों को अब मजबूरन फ्लोराइडयुक्त हैंडपंप का पानी पीना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ गए हैं। भीषण गर्मी के चलते भूगर्भ जल स्तर भी काफी नीचे चला गया है, जिससे कई हैंडपंप जवाब दे चुके हैं और पानी निकालना मुश्किल हो गया है।
4 किलोमीटर दूर से ला रहे पानी
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स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि जिन ग्रामीणों के पास वाहन की सुविधा है, वे लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित रनटोला और कुसम्हा से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। वहीं, जिनके पास संसाधन नहीं हैं, वे दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इससे गांव में बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
पाइपलाइन कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हुई विद्युत लाइन
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सीताराम ने बताया कि हर घर जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान श्रमिकों द्वारा भूमिगत विद्युत तार क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण आरओ प्लांट बंद हो गया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग द्वारा जल्द मरम्मत का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
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ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से लगाई गुहार
ग्रामीण सोमारू, अच्छेलाल, भोला, छोटेलाल, सुरेश, अत्रिलाल और हंसलाल सहित अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द आरओ प्लांट चालू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
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फ्लोराइडयुक्त पानी के सेवन से दांत और हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आरओ प्लांट का बंद रहना ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट पैदा कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक ऐसे पानी का उपयोग जनस्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है।
प्रशासनिक उदासीनता पर उठ रहे सवाल
एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद समस्या का समाधान न होना प्रशासनिक लापरवाही की ओर संकेत करता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य कर दिया जाता, तो आज उन्हें इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता। खैराही गांव का यह जल संकट न केवल स्थानीय समस्या है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को भी उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी जल्दी संज्ञान लेकर समाधान करता है।






