स्वर्गीय प्रेम भाई की 91वीं जयंती पर उनके आदर्शों को किया गया याद
दुद्धी, सोनभद्र। सामाजिक सेवा, समर्पण और त्याग के माध्यम से जनमानस पर अमिट छाप छोड़ने वाले स्वर्गीय प्रेम भाई जी की 91वीं जयंती पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उनके उच्च आदर्शों को जीवंत किया गया
9:00 PM, Sep 10, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, सिंचाई और स्वावलंबन के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वानदुद्धी, सोनभद्र। सामाजिक सेवा, समर्पण और त्याग के माध्यम से जनमानस पर अमिट छाप छोड़ने वाले स्वर्गीय प्रेम भाई जी की 91वीं जयंती पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उनके उच्च आदर्शों को जीवंत किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके द्वारा शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, सिंचाई, जैविक खेती तथा आदिवासी एवं वंचित समाज के सशक्तिकरण के लिए किए गए कार्यों और संघर्षों को स्मरण किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाऊराव देवरस राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुद्धी के प्राचार्य राजेश कुमार भारती ने कहा कि प्रेम भाई जी ने रासायनिक खाद से दूर जैविक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उनका मानना था कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। उन्होंने समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों की सदैव चिंता की। गोविंद बल्लभ पंत सागर परियोजना में वर्ष 1973 में सचिव के रूप में उनकी भूमिका को भी उन्होंने स्मरण किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अमरनाथ जायसवाल ने कहा कि प्रेम भाई जी ने बिहार, उड़ीसा, तत्कालीन मिर्जापुर सहित देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मानव सशक्तिकरण के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने अपने जीवन को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।विशिष्ट अतिथि रामेश्वर प्रसाद राय ने तत्कालीन बिहार राज्य के डाल्टनगंज क्षेत्र में बंधी निर्माण सहित अनेक कार्यों में उनके श्रमदान और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी स्मृतियां साझा कीं।वरिष्ठ अधिवक्ता रामलोचन तिवारी ने बताया कि प्रेम भाई जी ने बनवासी सेवा आश्रम के उत्थान तथा आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों के लिए कानूनी संघर्ष किया। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वाई.वी. चंद्रचूड़ के बाद न्यायपालिका के महत्वपूर्ण दौर में दायर रिट तथा धारा-4 के तहत आदिवासियों के भूमि संबंधी अधिकारों की लड़ाई का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रेम भाई जी आठ-नौ भाषाओं के ज्ञाता थे। छात्रावास के लिए स्थान चयन सहित अनेक कार्यों की स्मृतियां भी उन्होंने साझा कीं।एल्डर कमेटी के चेयरमैन प्रेमचंद यादव ने छोटे-छोटे बंधों, पाठशालाओं तथा परियोजना से प्रभावित लोगों को धारा-20 की जमीन का मुआवजा दिलाने जैसे कार्यों पर प्रकाश डाला।डॉ. वीर अभिमन्यु सिंह ने प्रेम भाई जी से जुड़ी स्मृतियों पर काव्य पाठ करते हुए उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पांडेय ने भी उनके सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।स्वच्छता मिशन के ब्रांड एंबेसडर जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के गरीब, शोषित और वंचित लोगों के उत्थान में प्रेम भाई जी के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने भूमि हकदारी मोर्चा के माध्यम से आदिवासियों को उनके भौमिक अधिकार दिलाने तथा क्षेत्र की प्रतिभाओं को निखारने में उनके योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री स्वर्गीय राम प्यारे पानिका, स्वर्गीय विजय सिंह गौड़, पूर्व विधायक हरिराम चेरो, वर्तमान जिला अध्यक्ष महेशानंद भाई सहित अनेक व्यक्तित्वों को आगे बढ़ाने और समाज के लिए तैयार करने में प्रेम भाई जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।बनवासी सेवा आश्रम की मंत्री सुभा बहन ने अपने पिता के जन्मदिवस पर उनके विचारों और स्मृतियों को साझा करने वाले सभी वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने शोषित, वंचित एवं आदिवासी क्षेत्र के लोगों को विभिन्न मुकदमों में न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ताओं के संयुक्त पैनल की आवश्यकता बताते हुए सामूहिक सहयोग का आह्वान किया।राखी जायसवाल ने क्षेत्र में सिलाई मशीन प्रशिक्षण तथा योग प्रशिक्षण कराए जाने का आश्वासन दिया।कार्यक्रम में जिला संघ चालक रविन्द्र जायसवाल, शिवशंकर गुप्ता एडवोकेट, देवनाथ भाई, विमल भाई, चित्रांगन दुबे, रामजी पांडेय, धरमु सिंह, संतोष जायसवाल, कृष्ण मुरारी पांडेय, अनुप कुमार सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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