महुली के सरकारी विद्यालय में बदइंतजामी पर मजिस्ट्रेट की नजर, शौचालय गंदे तो पेयजल स्थल पर टोटी तक नहीं
दुद्धी :सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शासन लगातार जोर दे रहा है।
8:18 PM, Aug 21, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

पंखे बंद, बोर्ड टूटा और स्मार्ट क्लास की व्यवस्था भी सवालों के घेरे मेंदुद्धी :सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शासन लगातार जोर दे रहा है। इसके बावजूद दुद्धी तहसील क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय महुली में 20 अगस्त 2026 को मजिस्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान सामने आई व्यवस्थागत कमियों ने विद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शौचालयों में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। वहीं कई कक्षाओं में पंखे बंद पाए जाने की बात सामने आई। एक कक्षा में लगा लाइन वाला बोर्ड भी टूटा हुआ मिला। उमस और गर्मी के बीच पंखों के बंद रहने से विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाई के दौरान परेशानी होने की आशंका है।पेयजल स्थल पर टोटी तक नहींविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बनाए गए पेयजल स्थल की व्यवस्था भी निरीक्षण के दौरान सवालों के घेरे में रही। बताया गया कि पेयजल स्थल पर पानी की टोटी तक उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में बच्चों को स्वच्छ एवं सहज पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।स्मार्ट क्लास की व्यवस्था भी सवालों मेंनिरीक्षण के दौरान स्मार्ट क्लास की स्थिति भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई। आधुनिक शिक्षा के दौर में स्मार्ट क्लास को विद्यार्थियों को तकनीकी एवं रोचक तरीके से शिक्षा देने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी ढंग से संचालन नहीं होने पर उसके उद्देश्य पर सवाल उठते हैं।प्रधानाध्यापक ने जल्द सुधार का दिया भरोसाविद्यालय में मिली कमियों को लेकर प्रधानाध्यापक बृजेश गुप्ता ने आवश्यक मरम्मत, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त कराने का भरोसा दिया। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कराया जाएगा।निरीक्षण के बाद कार्रवाई का इंतजारमजिस्ट्रेट के निरीक्षण में सामने आई कमियों के बाद अब संबंधित विभाग की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर क्षेत्रवासियों और अभिभावकों की निगाहें टिकी हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त पेयजल, सुचारु पंखे, सुरक्षित कक्षाएं और बेहतर शिक्षण सुविधाएं मिलना जरूरी है।क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और विद्यालय की व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
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