सोनभद्र में अवैध अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई — घोरावल में दो हॉस्पिटल सील, नोटिस जारी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर (ओटी) का भी उपयोग किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए ओटी को भी सील कर दिया गया।
ghorawal
1:46 PM, Apr 11, 2026
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Edited by: Ashish Gupta
, Reported By: Shaktipal

अस्पताल को सील कर दिया गया : Photo - Sonprabhat News
सोनभद्र, सोनप्रभात। जनपद में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सा व्यवस्था के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की गई। नोडल अधिकारी डा. गुलाब शंकर यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घोरावल क्षेत्र में छापेमारी करते हुए दो अवैध अस्पतालों को सील कर दिया।
छापेमारी में उजागर हुई बड़ी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि आनंद हॉस्पिटल बिना वैध पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था। यहां एक महिला मरीज भर्ती थी और उसका उपचार चल रहा था। स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी और अवैध संचालन को देखते हुए तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया गया।

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ऑपरेशन थियेटर किया गया सील
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर (ओटी) का भी उपयोग किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए ओटी को भी सील कर दिया गया। हालांकि, एक मरीज का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था और उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे तत्काल शिफ्ट करना संभव नहीं था। ऐसे में मरीज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे वहीं भर्ती रखकर उपचार जारी रखने की अनुमति दी गई।
अस्पताल संचालकों को नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब
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कार्रवाई के दौरान अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का सख्त रुख
नोडल अधिकारी डा. गुलाब शंकर यादव ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में अवैध अस्पतालों, झोलाछाप डॉक्टरों और बिना मानक के संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
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जनता से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ही उपचार कराएं और किसी भी संदिग्ध या अवैध चिकित्सा केंद्र की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।






