सोनभद्र में हो 'मेगा पर्यटन एवं उद्योग महोत्सव', उद्योग व्यापार संगठन ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा प्रस्ताव
सोनभद्र में हो 'मेगा पर्यटन एवं उद्योग महोत्सव', उद्योग व्यापार संगठन ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा प्रस्ताव
5:35 PM, Jul 10, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र, 10 जुलाई। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक मांग पत्र सौंपते हुए सोनभद्र में पूर्व की भांति 'सोन महोत्सव' को पुनः शुरू करने तथा उसे 'मेगा पर्यटन एवं उद्योग महोत्सव' के रूप में विकसित किए जाने की मांग की है।कौशल शर्मा ने कहा कि वर्ष 2009-10 में जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया सोन महोत्सव जनपद की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख आयोजन था। इसका उद्देश्य सोनभद्र की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत, कला एवं जनजातीय विरासत का संरक्षण और संवर्धन करना था। साथ ही स्थानीय एवं जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा बाहरी कलाकारों से संवाद और सीखने का अवसर भी मिलता था।उन्होंने बताया कि इस महोत्सव का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सोनभद्र की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों को प्रदेश एवं देशभर में पहचान दिलाना था, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिले। इसके अलावा जिले की विभिन्न जनजातियों की कला, संस्कृति और परंपराओं को मुख्यधारा से जोड़ने में भी यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले लगभग दो दशकों से यह महोत्सव बंद पड़ा है, जिससे जिले की सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार इस आयोजन को केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर 'मेगा पर्यटन एवं उद्योग महोत्सव' के रूप में विकसित करे, ताकि यह पर्यटन, उद्योग, निवेश, व्यापार, एमएसएमई, ओडीओपी, हस्तशिल्प, जनजातीय कला और स्थानीय उद्यमिता का राष्ट्रीय स्तर का मंच बन सके।मांग पत्र में प्रस्ताव दिया गया है कि पर्यटन, औद्योगिक विकास, संस्कृति, वन विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में इस महोत्सव का प्रतिवर्ष भव्य आयोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही देश के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों, पर्यटन विशेषज्ञों और ट्रैवल एजेंसियों को आमंत्रित कर सोनभद्र की औद्योगिक एवं पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।कौशल शर्मा ने महोत्सव के लिए पृथक बजट आवंटित करने, उच्च स्तरीय आयोजन समिति गठित करने तथा इसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख वार्षिक आयोजनों की श्रेणी में शामिल करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इस पहल से सोनभद्र को पर्यटन, उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, होटल व्यवसाय, परिवहन और सेवा क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी, जिससे 'विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत' के संकल्प को मजबूती मिलेगी।
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