रिहंद बांध में केज कल्चर परियोजना पर मंत्री का छापा — गड़बड़ियों पर फूटा गुस्सा, सख्त कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान परियोजना में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
renukoot
3:29 PM, Apr 11, 2026
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Edited by: Ashish Gupta
, Reported By: Prashant Dubey

Rihand Dam : Dongiya Nala
सोनभद्र, सोनप्रभात।उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने शुक्रवार को सोनभद्र जनपद के पिपरी क्षेत्र स्थित रिहंद बांध पहुंचकर केज कल्चर (मछली पालन) परियोजना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परियोजना में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
नाव से किया निरीक्षण, सामने आई बड़ी गड़बड़ियां
मंत्री का काफिला दोपहर करीब 11 बजे डोंगियानाला स्थित रिहंद जलाशय पहुंचा। वहां से उन्होंने नाव के माध्यम से जलाशय में लगाए गए केज का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि केज कल्चर परियोजना में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से लगाए गए केज को नया दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
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लाभार्थियों के नाम पर हेराफेरी का आरोप
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि लाभार्थियों के खाते में भेजी गई सरकारी धनराशि उनसे वापस लेकर कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। मंत्री ने इसे सरकार की योजनाओं के उद्देश्य के साथ सीधा खिलवाड़ बताया।
खाली पड़े केज और काई जमा — लापरवाही का खुलासा
कई केज में मछली पालन नहीं हो रहा था और उनमें काई जमी हुई पाई गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि परियोजना धरातल पर सही तरीके से संचालित नहीं हो रही है। मंत्री ने कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार का संकेत है।
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“किसी को नहीं बख्शा जाएगा” — मंत्री का सख्त संदेश
संजय निषाद ने कहा कि इस पूरे मामले में छोटे से लेकर बड़े स्तर तक के अधिकारी शामिल हो सकते हैं और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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लाभार्थियों से सीधे संवाद, शिकायतें सुनीं
निरीक्षण के बाद मंत्री रेणुकूट बाजार पहुंचे, जहां उन्होंने योजना की लाभार्थी पूजा देवी के घर जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। पूजा देवी ने बताया कि उनके खाते में आए 90 हजार रुपये विभाग के कुछ लोगों द्वारा दबाव बनाकर वापस मांगे जा रहे हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया जा रहा है।
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इस पर मंत्री ने तत्काल पिपरी थाने के क्राइम इंस्पेक्टर हरेंद्र यादव को निर्देशित किया कि सभी लाभार्थियों की सूची तैयार कर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी लाभार्थी के साथ गलत व्यवहार न हो।
अन्य लाभार्थियों ने भी उठाई आवाज
एक अन्य लाभार्थी निर्मला देवी ने भी योजना का लाभ सही तरीके से न मिलने की शिकायत की, जबकि आवेदक अनुज अग्रवाल ने बताया कि आवेदन के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया गया।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण
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इस दौरान लखनऊ से आए विभागीय अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। साथ ही अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश कुमार, उप जिलाधिकारी निखिल यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी हर्ष पांडे, सहायक निदेशक मत्स्य आर.के. श्रीवास्तव, मत्स्य निरीक्षक राकेश ओझा सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
परियोजना की पारदर्शिता पर उठे सवाल
इस औचक निरीक्षण ने केज कल्चर जैसी महत्वपूर्ण योजना की पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।






