पेड़ों की कटान और कंपनी स्थापना के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन तेज, सीएम को भेजा ज्ञापन
पेड़ों की कटान और कंपनी स्थापना के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन तेज, सीएम को भेजा ज्ञापन
8:17 PM, Jun 30, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Sanjay singh

“जान चली जाएगी, लेकिन कंपनी नहीं लगेगी” — ग्रामीणों ने जताया विरोध, जांच और कार्रवाई की मांगसोनभद्र। जिले में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना और पेड़ों की कटान को लेकर विरोध तेज हो गया है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने आरोप लगाया कि शासन के वर्ष 2024 के निर्देशों और वन संरक्षण नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटान के लिए अनुमति दी जा रही है।ज्ञापन में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और कथित अवैध कटान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। मोर्चा ने कहा कि जंगल और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा भी जरूरी है।इधर, ग्रामीणों ने भी कंपनी स्थापना के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीण कन्हैया चेरो ने कहा कि “किसी भी कीमत पर कंपनी नहीं लगने दी जाएगी, जरूरत पड़ी तो आंदोलन लखनऊ और दिल्ली तक ले जाएंगे।”बिंदु अगरिया ने कहा कि कंपनी लगने से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने की आशंका है, जिससे जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर असर पड़ेगा। वहीं राम बहाल ने कहा कि जंगल उनकी विरासत और पहचान हैं, जिनकी रक्षा हर हाल में की जाएगी।रामसेवक ने कहा कि कोरोना काल में लोगों ने स्वच्छ हवा और हरियाली का महत्व महसूस किया था, इसलिए पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रशासन और सरकार ने कदम नहीं उठाए तो पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी अधिकारों को लेकर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।इस दौरान विन्दू खरवार, गोपीनाथ चेरो, मुखलाल चेरो, गुलाब चेरो, बासमती गोड़, दीपक गोड़, दिनेश माझि, गुलाब बैगा, राजेस पनिका सहित बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष मौजूद रहे।
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