मुद्रा लोन घोटाले का खुलासा — करोड़ों की ठगी करने वाला बैंक मैनेजर STF के हत्थे चढ़ा
मुद्रा लोन योजना के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक नितिन चौधरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
4:40 PM, Apr 11, 2026
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Edited by: Ashish Gupta
, Reported By: Social News Desk

आरोपी नितिन चौधरी Photo : Social Media
नई दिल्ली/उत्तर प्रदेश, सोनप्रभात। मुद्रा लोन योजना के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक नितिन चौधरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद बैंकिंग प्रणाली में हुए बड़े घोटाले की परतें खुलने लगी हैं।
100 से अधिक लोगों के नाम पर फर्जी लोन
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम के अनुसार, आरोपी नितिन चौधरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है और वर्तमान में दिल्ली में तैनात था। जांच में सामने आया कि उसने एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर 100 से अधिक लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से मुद्रा लोन स्वीकृत कराए और करोड़ों रुपये का गबन किया।
बैंक कर्मियों समेत कई लोगों की मिलीभगत
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जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि इस गिरोह में कुछ बैंक कर्मचारी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले और अन्य सहयोगी भी शामिल थे। सभी ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस घोटाले को अंजाम दिया।
ऐसे दिया जाता था ठगी को अंजाम
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लोगों के आधार और पैन कार्ड की फोटो में हेरफेर कर दूसरे व्यक्तियों की तस्वीरें लगाई जाती थीं। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी कंपनियां बनाकर मुद्रा लोन पास कराया जाता था। लोन की राशि को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
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इस मामले में एसटीएफ पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह के मास्टरमाइंड आमिर एहसान को फरवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया था। अब नितिन चौधरी की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो गई है।
बरामद हुए दस्तावेज और सामान
एसटीएफ ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, क्रेडिट कार्ड, मेट्रो कार्ड और नकदी बरामद की है। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल
इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद बैंकिंग व्यवस्था और लोन स्वीकृति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।
News Source : Amar Ujala






