सड़क हादसे की आड़ में हत्या का खुलासा, पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर की पति का कत्ल,प्रेमी सहित चार गिरफ्तार
शक्तिनगर, सोनभद्र। थाना शक्तिनगर क्षेत्र में संदिग्ध सड़क दुर्घटना के रूप में सामने आई एनसीएल कर्मी की मौत का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की और घटना को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को सड़क किनारे ले जाकर वाहन से चोट पहुंचाने का प्रयास किया। मामले में पुलिस ने पत्नी, उसके प्रेमी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
5:20 PM, Aug 29, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

24 घंटे में शक्तिनगर पुलिस ने किया हत्याकांड का अनावरण, शव को सड़क किनारे रखकर दुर्घटना का रूप देने की हुई थी कोशिश
शक्तिनगर, सोनभद्र। थाना शक्तिनगर क्षेत्र में संदिग्ध सड़क दुर्घटना के रूप में सामने आई एनसीएल कर्मी की मौत का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की और घटना को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को सड़क किनारे ले जाकर वाहन से चोट पहुंचाने का प्रयास किया। मामले में पुलिस ने पत्नी, उसके प्रेमी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के मुताबिक, 23 अगस्त 2026 को बीना स्टेडियम/जमशीला के पास रमाशंकर मिश्रा पुत्र रामयश मिश्रा, निवासी बीना कॉलोनी, थाना शक्तिनगर, का शव संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क किनारे मिला था।
रमाशंकर मिश्रा एनसीएल बीना में सीनियर ओवरमैन के पद पर कार्यरत थे। शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हुआ, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियां संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने गहन जांच शुरू की।इस संबंध में थाना शक्तिनगर में मु0अ0सं0 162/2026, धारा 103(2)/238 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान मृतक की पत्नी प्रियंका मिश्रा और विकास चौहान के बीच प्रेम-प्रसंग की बात सामने आई।पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त की रात रमाशंकर मिश्रा ने अपनी पत्नी प्रियंका मिश्रा और विकास चौहान को घर पर देख लिया था। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद के दौरान प्रियंका और विकास ने रमाशंकर का गला दबाया तथा पत्थर के फर्श पर सिर पटककर उसे गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिससे उसकी मौत हो गई।हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को चादर और गमछे में लपेटकर विकास चौहान ने अपने सहयोगियों अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता की मदद से सड़क किनारे पहुंचाया। आरोप है कि इसके बाद वाहन से चोट पहुंचाकर मौत को सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।पुलिस ने मामले में विकास चौहान (25), प्रियंका मिश्रा (35), अनुराग सिंह उर्फ बादल (लगभग 18) और सोनू गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अब तक की विवेचना में घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
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कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक शक्तिनगर सत्येन्द्र कुमार राय के नेतृत्व में की गई।
हत्याकांड के त्वरित अनावरण में उपनिरीक्षक अजय कुमार श्रीवास्तव, कांस्टेबल सत्यम सरोज, अरुण कुमार, अमन सिंह और अमृत लाल की भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों और एनसीएल कर्मचारियों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत हुई है।






