विंध्य एक्सप्रेस वे का विरोध तेज, किसानों और आदिवासियों ने कहा—“जमीन नहीं देंगे”
सोनभद्र :विंध्य एक्सप्रेस वे के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के मुद्दे को लेकर चतरा ब्लॉक में किसान एवं आदिवासी परिवारों की बैठक आयोजित हुई। किसान पुत्रों ने किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की।
7:14 PM, Sep 6, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Sanjay singh

राबर्ट्सगंज सोनभद्र विंध्य एक्सप्रेस वे के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के मुद्दे को लेकर चतरा ब्लॉक में किसान एवं आदिवासी परिवारों की बैठक आयोजित हुई। किसान पुत्रों ने किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संदीप मिश्र ने कहा कि सरकार एक ओर किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर एक्सप्रेस वे के नाम पर किसानों की जमीन लेने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित परियोजना के लिए करीब 2019 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि प्रभावित होगी तथा पीएसपी के लिए विंध्य पर्वतमाला के जंगल को नुकसान पहुंचने की आशंका है।उन्होंने कहा कि किसान और आदिवासी लोकतांत्रिक तरीके से इस परियोजना का विरोध करेंगे और किसी भी कीमत पर अपनी जमीन, जल और जंगल को समाप्त नहीं होने देंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि पहले पटवध से पोखरिया मार्ग का निर्माण कराया जाए तथा विंध्य पर्वतमाला में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी परिवारों को वनाधिकार कानून के तहत तत्काल पट्टा आवंटित किया जाए।बैठक में किसानों ने भी अपनी बात खुलकर रखी। किसान चेतन ओझा ने कहा कि “जमीन हमारी माता है, माता का सौदा हमें नहीं आता।” वहीं धीरज पाण्डेय और प्रेमनाथ मौर्य ने कहा कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे। रामसूरत खरवार ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।कार्यक्रम में सत्रुधन बिन्द, आकाश चौहान, रवि शुक्ल, चेतन ओझा, विजय, अरविन्द शंकर, नगेन्द्र लाकरा, जितेन्द्र लाकरा, प्रमोद तिर्की, विजय पटेल, राकेश राजेस, संजय बियार, दिनेश चेरो, अगद पटेल, रामसजीवन पटेल, दशरथ मौर्य सहित सैकड़ों किसान एवं आदिवासी उपस्थित रहे।
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