वनाधिकार को लेकर लोगों को किया गया जागरूक
वनाधिकार को लेकर लोगों को किया गया जागरूक
8:53 PM, Jul 19, 2026
Share:
Edited By: Shaktipal , Reported By: Ved vyas singh maurya

वनाधिकार अधिनियम-2006 पर एक्शनएड द्वारा प्रशिक्षण आयोजित, अधिकारों के प्रति जागरूक होने का आह्वान कमलेश कुमार सोनभद्र, नगवा। एक्शनएड के सहयोग से विकास खण्ड नगवा के खलियारी स्थित पंडित जगमोहन विद्यालय में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आदिवासी एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों को वनाधिकार कानून, उसके प्रावधानों, दावा प्रक्रिया तथा ग्राम सभा की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।कार्यक्रम में मानवाधिकार रक्षक कमलेश कुमार ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में वनाधिकार अधिनियम, 2006 की प्रमुख धाराओं, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकारों, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार, दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया तथा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वनाधिकार कानून आदिवासी समुदाय के ऐतिहासिक अधिकारों को मान्यता देने वाला महत्वपूर्ण कानून है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समुदाय की जागरूकता एवं ग्राम सभा की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।तौहीद अली ने प्रशिक्षण के दौरान अधिनियम के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि वनाधिकार केवल भूमि का अधिकार नहीं, बल्कि आजीविका, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और समुदाय के सम्मान से जुड़ा अधिकार है।प्रशिक्षण में उपस्थित सोनभद्र मनरेगा लेखपाल ने मनरेगा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि वनाधिकार प्राप्त परिवार इन योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आजीविका को सुदृढ़ बना सकते हैं।ग्राम प्रधान भुनेश्वर जी ने कहा कि ग्राम सभा वनाधिकार कानून के क्रियान्वयन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिवाकांत ने बताया कि वनाधिकार से मालिकाना हक लेने हेतु संगठन मजबूत करना बहुत जरूरी है।कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय के महिला-पुरुष, ग्राम प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न गांवों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में सभी ने वनाधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पात्र परिवारों को उनका अधिकार दिलाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस मौके पर आदिवासी विकास संगठन के साथी फूलमती, गुलाबी, गुजराती, राजमती, पांचू खरवार, विमलेश आदि सैकड़ों साथियों ने प्रतिभाग किया।
यह भी पढ़ें






