नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर पुलिस हुई अलर्ट, चुर्क पुलिस लाइन में समन्वय गोष्ठी आयोजित
सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों संग रणनीति तैयार, कॉम्बिंग, एरिया डोमिनेशन और ग्रामीण संवाद पर दिया गया विशेष जोर
sonbhadra
2:41 PM, Jul 1, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Sanjay Singh / Vedvyas Singh Maurya

Photo : Sonprabhat News
सोनभद्र। जनपद के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस लाइन चुर्क स्थित सभागार में नक्सल समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी दुद्धी वी.पी. साहनी ने की।
यह बैठक पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिसमें नक्सल गतिविधियों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा रणनीति तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

गोष्ठी में जनपद पुलिस, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय अभिसूचना इकाई, जोनल नक्सल अभिसूचना इकाई के अधिकारियों के साथ-साथ सीमावर्ती जनपद मिर्जापुर और चन्दौली से आए अधिकारियों ने भी भाग लिया। अधिकारियों ने नक्सली संचरण की संभावनाओं को देखते हुए नियमित कॉम्बिंग ऑपरेशन, एरिया डोमिनेशन अभियान तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति व्यक्त की।
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बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित और प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
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क्षेत्राधिकारी दुद्धी वी.पी. साहनी ने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ ग्रामीणों का विश्वास जीतना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय लोगों से नियमित संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया।
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उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं और यदि क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या सूचना मिले तो उसकी जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस अथवा प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है।
गोष्ठी में डिप्टी सीएमओ डॉ. सुमन कुमार, प्रभारी निरीक्षक जोनल नक्सल अभिसूचना इकाई राणा प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक स्थानीय अभिसूचना इकाई महेन्द्र प्रताप यादव, क्वार्टर मास्टर 48 आईआर शशि कुमार सिंह सहित जनपद के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी एवं अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।






