संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के द्वितीय चरण की तैयारियां तेज, अंतरविभागीय बैठक सम्पन्न
संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के द्वितीय चरण की तैयारियां तेज, अंतरविभागीय बैठक सम्पन्न
8:19 PM, Jun 23, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

स्वच्छता, वेक्टर नियंत्रण और जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देशसोनभद्र। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के द्वितीय चरण के सफल संचालन को लेकर मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय प्रथम अंतरविभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और संचारी रोगों की रोकथाम के लिए समन्वित कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक का उद्देश्य संचारी रोगों के नियंत्रण, स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर वीबीडी कंसल्टेंट, सोनभद्र ने पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अभियान की गाइडलाइन, उद्देश्यों और कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी।मुख्य विकास अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को संचारी एवं संक्रामक रोगों से बचाव, हाथ धोने की सही विधि तथा पूर्ण आस्तीन की वर्दी पहनने के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही विद्यालयों में हैंडवॉश की उपलब्धता, रसोईघर की नियमित साफ-सफाई तथा स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के भी निर्देश दिए।बैठक में सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई, जल निकासी और कचरा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साप्ताहिक कार्ययोजना बनाकर एंटी लार्वल छिड़काव एवं फॉगिंग कराई जाए तथा उसकी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। बड़े डम्पिंग यार्डों की विशेष सफाई और वेक्टर नियंत्रण गतिविधियों पर विशेष जोर देने के निर्देश भी दिए गए।ग्राम विकास विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, सार्वजनिक स्थलों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा माइक्रोप्लान के अनुसार अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए। ग्राम प्रधानों को बैठक एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर बल दिया गया।पशुपालन एवं कृषि विभाग को स्क्रब टाइफस और लैप्टोस्पायरोसिस जैसे रोगों की रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग को मानसून के दौरान कटे फलों और मानकविहीन खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को कहा गया।उद्यान विभाग को सार्वजनिक स्थलों एवं कार्यालय परिसरों में तुलसी, लेमनग्रास, पुदीना और गेंदा जैसे मच्छर विकर्षी पौधों का रोपण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर विभागीय बैठकें आयोजित कर माइक्रोप्लान तैयार करने तथा अभियान की नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।बैठक के अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए अभियान को सफल बनाने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
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