मुकदमा वापस लेने का दबाव, दिव्यांग मामा और बहन पर जानलेवा हमला करने का आरोप
सोनभद्र। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के कसारी (रामगढ़) गांव में मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने को लेकर एक दिव्यांग व्यक्ति और उसकी बहन पर लाठी-डंडे व धारदार हथियार से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कमलेश गुप्ता निवासी ग्राम पड़री, थाना रायपुर ने केंद्रीय राज्य मंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर विपक्षीगण के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
2:21 PM, Sep 13, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के कसारी (रामगढ़) गांव में मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने को लेकर एक दिव्यांग व्यक्ति और उसकी बहन पर लाठी-डंडे व धारदार हथियार से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कमलेश गुप्ता निवासी ग्राम पड़री, थाना रायपुर ने केंद्रीय राज्य मंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर विपक्षीगण के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार, कमलेश गुप्ता 7 सितंबर को करीब 11:30 बजे अपनी बहन अर्चना गुप्ता के घर ग्राम कसारी पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान गुलाब पुत्र दयाराम, कलावती पत्नी गुलाब, संजय उर्फ प्रभू गुप्ता तथा रविप्रकाश गुप्ता वहां पहुंचे और पूर्व में दर्ज मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने लगे।शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुकदमा वापस लेने से इनकार करने पर आरोपितों ने अर्चना गुप्ता को घर से खींचकर मारपीट शुरू कर दी। बहन को बचाने पहुंचे कमलेश के साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की गई। आरोप है कि इसी दौरान रविप्रकाश गुप्ता ने फावड़े से अर्चना के सिर पर वार किया, जिससे उनके नाक पर गंभीर चोट आई। इसके बाद सभी आरोपितों ने दोनों भाई-बहन के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।पीड़ित के मुताबिक दोनों घायलों का उपचार जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में चल रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान संजय उर्फ प्रभू गुप्ता अर्चना के गले से सोने का मंगलसूत्र लेकर चला गया। आरोपितों पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।प्रार्थना पत्र में पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूर्व की हत्या की घटना से जुड़े विपक्षीगण को पुलिस ने चार्जशीट से बाहर कर दिया और अब उन्हें संरक्षण दिए जाने के कारण दोबारा हमला करने का मौका मिला। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।कमलेश गुप्ता ने केंद्रीय राज्य मंत्री से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विपक्षीगण के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई कराने, पुलिस की भूमिका की जांच कराने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा दिलाए जाने की मांग की है।
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