सोनभद्र में बारिश का कहर: रिहंद बांध का एक गेट खुला, दूसरा खोलने की तैयारी; ओबरा बांध के तीन गेट 9 फीट तक खोले गए
सोनभद्र। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते बांधों, नदियों और पहाड़ी जलधाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी तटीय और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है
7:46 PM, Sep 1, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र में बारिश का कहर: रिहंद बांध का एक गेट खुला, दूसरा खोलने की तैयारी; ओबरा बांध के तीन गेट 9 फीट तक खोले गएसोनभद्र। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते बांधों, नदियों और पहाड़ी जलधाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी तटीय और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। रिहंद बांध का एक गेट खोला जा चुका है, जबकि दूसरे गेट को खोलने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, ओबरा बांध के तीन गेट 9 फीट तक खोले गए हैं। इससे आसपास के नदी क्षेत्रों में जलस्तर और बहाव बढ़ने की संभावना है।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को बांधों और नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने तथा संभावित प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को समय रहते सतर्क करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की टीमें नदी तट और निचले इलाकों में लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं।चकाड़ी क्षेत्र में थाना प्रभारी ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी दी और नदी तट, निचले इलाकों तथा तेज बहाव वाले स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।जिलाधिकारी ने कहा कि सोनभद्र की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी नालों और बरसाती जलधाराओं में अचानक पानी बढ़ सकता है। उन्होंने लोगों से उफनते नाले, नदी अथवा तेज बहाव वाले रास्ते को पार नहीं करने की अपील की। बच्चों और पशुओं को भी नदी-नालों के आसपास न जाने देने की सलाह दी गई है।उन्होंने कहा कि जनपदवासियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता के साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। लगातार बारिश के मद्देनजर लोगों को नदी-नालों, पहाड़ी जलधाराओं और तेज जलप्रवाह वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। सतर्कता और सावधानी ही इस समय सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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