कनहर बांध में बढ़ता जलस्तर, मछुआरों की नावें बना सकती हैं खतरा, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
दुद्धी (सोनभद्र) ।कैचमेंट एरिया में लगातार हुई बरसात के चलते कनहर सिंचाई परियोजना के बांध का जलस्तर बढ़कर 262.500 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बांध के 11 फाटक दो-दो मीटर तक खोल दिए हैं, जिससे निकासी तेज हुई है। हालांकि प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद कई मछुआरे दर्जनों नावों पर पानी में उतरकर मछली पकड़ने का काम कर रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है।
10:45 AM, Sep 2, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

दुद्धी (सोनभद्र) ।कैचमेंट एरिया में लगातार हुई बरसात के चलते कनहर सिंचाई परियोजना के बांध का जलस्तर बढ़कर 262.500 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बांध के 11 फाटक दो-दो मीटर तक खोल दिए हैं, जिससे निकासी तेज हुई है। हालांकि प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद कई मछुआरे दर्जनों नावों पर पानी में उतरकर मछली पकड़ने का काम कर रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है।प्रशासन ने लोगों से बांध के गहरे पानी और तेज धाराओं के पास न जाने की बार-बार अपील की है, पर स्थानीय मछुआरे और कुछ ग्रामीण चेतावनी को नजरअंदाज कर रहे हैं। फाटक खोलने के बाद पानी का बहाव और तेज हो गया है, जिससे नावों को संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीण बताते हैं कि अचानक जलस्तर में परिवर्तन या तेज बहाव आने पर नावों का संतुलन बिगड़ सकता है और मछुआरों की जान जोखिम में पड़ सकती है।स्थानीय लोग कहते हैं कि मौके पर प्रभावी निगरानी और रोकथाम नहीं की जा रही है। पहले भी पानी के बढ़ते स्तर पर बांध के आसपास लोग जाते रहे हैं और मछली पकड़ने के मामले सामने आए हैं। इसलिए वर्तमान हालात में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बांध क्षेत्र में नियमित गश्त की जाए और प्रतिबंधित क्षेत्र में नावों के संचालन व मछली पकड़ने पर रोक लगाई जाए।ग्रामीणों का कहना है कि फाटक खुले होने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले से सतर्क रहकर संभावित जोखिमों को रोकना चाहिए। उन्होंने तात्कालिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, नियंत्रित गश्त और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।वर्तमान में 262.500 मीटर जलस्तर और 11 फाटक दो दो मीटर खुले होने के बीच प्रशासन के सामने जल निकासी के साथ साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रभाव से कड़ाई से प्रतिबंध लागू करने और निगरानी बढ़ाने की अपील की है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।अवर अभियंता नंदलाल यादव ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बांध के 11 फाटक खोले गए है और 4500 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड निकाला जा रहा हैं।जलस्तर फिलहाल 262.100 है ।
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