सड़क हादसे के घायलों को पंचशील मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल से मिलेगा 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज, पीएम राहत योजना बनी जीवनरक्षक
सड़क हादसे के घायलों पंचशील मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल से मिलेगा 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज, पीएम राहत योजना बनी जीवनरक्षक
5:15 PM, Jun 1, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

:घोरावल में घायल किशोर का योजना के तहत उपचार जारी, अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर जाना हालचालसोनभद्र। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम राहत (PM-RAHAT) योजना जनपद में प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। योजना के तहत सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के बाद के सबसे महत्वपूर्ण समय यानी “गोल्डन ऑवर” में त्वरित एवं कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।हाल ही में घोरावल थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल हुए 16 वर्षीय अनिल कुमार पुत्र बेचू निवासी धनावल गांव का उपचार पीएम राहत योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। दुर्घटना के बाद ग्राम प्रधान अरविंद निषाद ने तत्परता दिखाते हुए घायल किशोर को तत्काल पंचशील मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।सोमवार को यातायात क्षेत्राधिकारी डॉ. चारू द्विवेदी, पीएम राहत योजना की नोडल अधिकारी डॉ. सुमन जायसवाल, अस्पताल के डायरेक्टर पवित मौर्या, मां कुसुम फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद कुमार, सचिव कृष्ण कुमार यादव तथा कोषाध्यक्ष विनय कुमार यादव ने अस्पताल पहुंचकर घायल किशोर का हालचाल जाना और उसे पुष्पगुच्छ भेंट कर उत्साहवर्धन किया।इस अवसर पर डॉ. चारू द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना के तहत घायल को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे यानी गोल्डन ऑवर में उपचार मिलने से गंभीर घायलों की जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।पीएम राहत योजना की नोडल अधिकारी डॉ. सुमन जायसवाल ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचते ही अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक निःशुल्क इलाज की सुविधा दी जाती है। गंभीर मरीजों को प्राथमिक स्थिरीकरण (स्टेबलाइजेशन) उपचार भी उपलब्ध कराया जाता है।उन्होंने कहा कि यह सरकार की अत्यंत जनहितकारी योजना है, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए ताकि दुर्घटना की स्थिति में लोग घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर इस सुविधा का लाभ दिला सकेंस्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न चिन्हित अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली ERSS-112 के माध्यम से दुर्घटना की सूचना मिलने पर एंबुलेंस और त्वरित सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है अधिकारियों के अनुसार यह योजना राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू है। विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्डन ऑवर में बेहतर उपचार उपलब्ध होने से सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम होगी और गंभीर रूप से घायल लोगों को नया जीवन मिल सकेगा।
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