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डाला में स्क्रैप कारोबार पर गंभीर सवाल: बच्चों को बनाया जा रहा 'कबाड़ नेटवर्क' का हिस्सा.

पढ़ाई की उम्र में कबाड़ बीनने को मजबूर मासूम, स्थानीय लोगों ने ग्रामीण क्षेत्र से स्क्रैप दुकान हटाने की उठाई मांग

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11:36 AM, Jul 3, 2026

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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Anil Agrahari

डाला में स्क्रैप कारोबार पर गंभीर सवाल: बच्चों को बनाया जा रहा 'कबाड़ नेटवर्क' का हिस्सा.

Photo : Sonprabhat News

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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क

डाला (सोनभद्र)। चोपन थाना क्षेत्र के तेलगुड़वा में संचालित एक स्क्रैप दुकान को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिक मुनाफा कमाने के लिए एक स्क्रैप व्यवसायी नाबालिग बच्चों को कबाड़ बीनने और बेचने के नेटवर्क से जोड़ रहा है। परिणामस्वरूप पढ़ाई-लिखाई की उम्र में बच्चे स्कूल की बजाय कबाड़ बीनते और स्क्रैप की दुकान तक उसे पहुंचाते नजर आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, तेलगुड़वा में सरकारी योजना के तहत बने एक आवास में किराए पर संचालित स्क्रैप दुकान पर कई नाबालिग बच्चों को हाथों में स्क्रैप लेकर आते-जाते देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि वे आसपास के क्षेत्रों से लोहा, प्लास्टिक, कांच की बोतलें और अन्य कबाड़ एकत्र कर दुकान पर बेचते हैं।

Photo : Sonprabhat News

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स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्क्रैप व्यवसायी बच्चों को कुछ रुपये और खाने-पीने का लालच देकर इस काम में लगा रहा है। मासूम बच्चे थोड़े से पैसों में खुश होकर पढ़ाई छोड़ कबाड़ बीनने और बेचने के काम से जुड़ते जा रहे हैं, जबकि इसका लाभ व्यवसायी अधिक मुनाफे के रूप में उठा रहा है।

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बताया जाता है कि बच्चों को यह भी समझाया गया है कि वे किसी को यह जानकारी न दें कि वे स्क्रैप दुकान पर कबाड़ बेचने आते हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में स्क्रैप दुकान खुलने के बाद घरों और दुकानों के बाहर रखा सामान अक्सर गायब होने की शिकायतें बढ़ी हैं। जरूरत पड़ने पर खोजबीन करने पर भी कई बार सामान नहीं मिलता। स्थानीय लोगों का मानना है कि पैसों के लालच में बच्चे अनजाने में इस नेटवर्क का हिस्सा बन रहे हैं, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगाई गई तो यह भविष्य में बड़े अपराधों की जमीन तैयार कर सकती है। उनका कहना है कि बच्चों का स्थान स्कूल और खेल का मैदान होना चाहिए, न कि कबाड़ के ढेर।

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स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, यदि आरोप सही पाए जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई करने तथा ग्रामीण क्षेत्र से स्क्रैप दुकान को हटाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।

नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित स्क्रैप व्यवसायी अथवा पुलिस-प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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