Sonbhadra : मानव तस्करी गिरोह पर सोनभद्र पुलिस का बड़ा प्रहार, ₹25-₹25 हजार के दो इनामिया गिरफ्तार
नाबालिग बालिका को कई राज्यों में बेचकर जबरन विवाह कराने वाले संगठित गिरोह के दो प्रमुख सदस्य दबोचे, डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की जांच जारी
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11:23 AM, Jul 13, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Shaktipal / Sanjay Singh

Photo : Sonprabhat News
सोनभद्र। जनपद में मानव तस्करी, महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) यूनिट एवं थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने ₹25-₹25 हजार के दो घोषित इनामिया एवं वांछित मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर विभिन्न राज्यों में ले जाकर धन लेकर जबरन विवाह कराने और मानव तस्करी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, वादी की तहरीर के आधार पर थाना रॉबर्ट्सगंज में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं 16/17 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी एक संगठित मानव तस्करी गिरोह का हिस्सा हैं, जो नाबालिग बालिकाओं को घर से बहला-फुसलाकर ले जाते थे और विभिन्न राज्यों में धन लेकर जबरन विवाह कराते थे।

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विवेचना में यह भी पता चला कि पीड़िता को उसकी इच्छा के विरुद्ध उत्तर प्रदेश से बाहर कई राज्यों में ले जाकर अलग-अलग व्यक्तियों के साथ कई बार जबरन विवाह कराया गया। प्रत्येक बार प्राप्त धनराशि गिरोह के सदस्यों के बीच बांट ली जाती थी। गिरोह में दलाल, वाहन चालक और स्थानीय सहयोगी भी शामिल थे, जो पीड़िताओं को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने में मदद करते थे।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने 12 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर छपका पावर हाउस के पीछे स्थित एक मकान पर छापेमारी कर दोनों इनामिया आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील दास निवासी ओबरा (वर्तमान पता- छपका पावर हाउस के पीछे, रॉबर्ट्सगंज) तथा रानू बेगम निवासी हर्ष नगर, रॉबर्ट्सगंज (वर्तमान पता- कांशीराम आवास) के रूप में हुई है। दोनों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹25-₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
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डिजिटल जांच से खुलेंगे नेटवर्क के राज
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर नाबालिग बालिकाओं की खरीद-फरोख्त और जबरन विवाह कराने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना से संबंधित मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के माध्यम से गिरोह के अन्य सदस्यों, आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
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गिरफ्तारी करने वाली टीम
इस कार्रवाई में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी निरीक्षक रामदरश राम, उपनिरीक्षक धर्मनारायण भार्गव, हेड कांस्टेबल धनंजय यादव, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार तथा महिला कांस्टेबल अनीता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






