Sonbhadra News : साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला गिरफ़्तार।
सोनभद्र जनपद के साथ गोरखपुर में भी हुए कई लोग साइबर ठगी के शिकार, 10 से ज्यादा लोग मिलकर गोरखपुर से ही चलाते थे अपना साइबर ठगी का नेटवर्क।
sonbhadra
8:36 PM, Apr 10, 2026
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Edited by: Ashish Gupta
, Reported By: Sanjay Singh / Vedvyas Singh Maurya

गिरफ्तार अभियुक्त प्रदीप सिंह : फोटो - सोनभद्र पुलिस
सोनभद्र जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता सामने आई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना सोनभद्र की टीम ने एक ऐसे शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया था। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई लोगों को अपने जाल में फंसाने वाली एक संगठित ठगी का खुलासा भी करता है।
कैसे करते थे ठगी ?
कहानी की शुरुआत होती है बीना एनसीएल, शक्तिनगर निवासी युगल किशोर तिवारी से, जिन्हें 13 जनवरी 2025 को एक अज्ञात व्यक्ति ने “SHAREKHAN EDGE” नामक शेयर ट्रेडिंग ऐप का लिंक भेजा। निवेश के नाम पर उन्हें भरोसे में लिया गया और धीरे-धीरे अलग-अलग तिथियों में उनसे ₹2,27,02,616 की भारी भरकम राशि ठग ली गई। जब तक उन्हें इस ठगी का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
कैसे हुआ खुलासा ?
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इस मामले में साइबर थाना सोनभद्र में आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें बाद में बीएनएस की गंभीर धाराएं भी जोड़ी गईं। जांच आगे बढ़ी तो साइबर टीम को इस पूरे खेल की दूसरी परत का पता चला। ठगी की रकम एक्सिस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई, जो गोरखपुर निवासी प्रदीप सिंह के नाम पर था। यहीं से पुलिस को ठगों के पूरे नेटवर्क का सुराग मिला। जांच में सामने आया कि प्रदीप सिंह ने गोरखपुर के बैंक रोड स्थित विंध्यवासिनी कॉलोनी में एक फर्जी ऑफिस बना रखा था। बाहर से देखने पर यह “सोलर फ्रेंचाइजी” का दफ्तर लगता था, लेकिन अंदर से यह शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का अड्डा था। इस ऑफिस में लगभग 10 युवकों को लगाया गया था, जो लोगों को कॉल और मैसेज के जरिए फंसाने का काम करते थे।
सोनभद्र के अलावा अन्य जनपदों से ठगे पैसे
यह भी सामने आया कि इस गिरोह ने सिर्फ युगल किशोर तिवारी ही नहीं, बल्कि गोरखपुर के कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया। शत्रुध्न सिंह, कृष्ण मोहन सिंह, विजय बहादुर सिंह, मानबहादुर सिंह और धनंजय मल जैसे लोगों से भी इसी तरह ठगी की गई। इन मामलों में गोरखपुर के कोतवाली थाना में अलग से मुकदमा दर्ज है।

अभियुक्त प्रदीप सिंह : फोटो - सोनभद्र पुलिस
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कौन हुआ गिरफ्तार, क्या है इतिहास?
लगातार साक्ष्य जुटाने और तकनीकी निगरानी के बाद साइबर क्राइम थाना सोनभद्र की टीम ने 9 अप्रैल 2026 की रात 10:50 बजे एम्स गोरखपुर के पास से अभियुक्त प्रदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें ठगी से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना है।
44 वर्षीय प्रदीप सिंह पहले से ही इस तरह के मामलों में संलिप्त रहा है और उसके खिलाफ सोनभद्र व गोरखपुर में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है और उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह के और चेहरे भी सामने आएंगे।
पुलिस टीम में इनकी रही मुख्य भूमिका
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इस कार्रवाई में निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना सोनभद्र की टीम ने अहम भूमिका निभाई। उनके साथ हेड कांस्टेबल शिवनन्दन सिंह, हेड कांस्टेबल संजय वर्मा, कांस्टेबल अखिलेश यादव तथा एसओजी टीम के कांस्टेबल जयप्रकाश ने मिलकर इस जटिल मामले को सुलझाया।
पाठकों के लिए
यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर यह साबित करता है कि डिजिटल युग में निवेश के नाम पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक या ऐप पर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है। सोनभद्र पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी सफलता है, बल्कि आम लोगों के लिए एक चेतावनी भी है कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।






