Sonbhadra News :दुद्धी पुलिस की साइबर टीम की बड़ी सफलता: पीड़ित को वापस मिले ₹35,348 रुपये
दुद्धी के वार्ड नंबर 09 निवासी अलाउदीन पुत्र अहुर अंसारी को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर UPI के माध्यम से ₹35,348 रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। इस घटना के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
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1:34 PM, Apr 29, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Jitendra Chandravanshi

Photo : Sonprabhat News
दुद्धी, सोनभद्र। थाना दुद्धी की साइबर टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक पीड़ित को उसकी पूरी धनराशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) श्री ऋषभ रुणवाल के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी दुद्धी श्री राजेश कुमार राय के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कस्बा दुद्धी के वार्ड नंबर 09 निवासी अलाउदीन पुत्र अहुर अंसारी को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर UPI के माध्यम से ₹35,348 रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। इस घटना के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना दुद्धी की साइबर टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। टीम ने आवश्यक साक्ष्य जुटाते हुए संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित किया और ठगी की गई धनराशि को समय रहते होल्ड करा दिया। इसके बाद विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय से धन वापसी का आदेश प्राप्त किया गया।
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न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ₹35,348 रुपये की संपूर्ण धनराशि सफलतापूर्वक पीड़ित के बैंक खाते में वापस कर दी गई। अपनी रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी सराहना की।
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इस सफल कार्रवाई में थाना दुद्धी के प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह, कांस्टेबल मन्तोष कुमार और महिला कांस्टेबल संध्या यादव की अहम भूमिका रही।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि साइबर अपराध की किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP और पासवर्ड जैसी गोपनीय सूचनाएं किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई है।






