Sonbhadra News : स्मार्ट मीटर पर बढ़ता जन आक्रोश : योगी सरकार ने लगाई रोक, सोनभद्र के उपभोक्ता ज्यादा परेशान.
सोनभद्र जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कई लोगों का कहना है कि बिना बिजली उपयोग के भी रोजाना बैलेंस कट रहा है। ओवरबिलिंग, गलत रीडिंग और अचानक बैलेंस माइनस होने जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। इससे उपभोक्ताओं में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है।
sonbhadra
11:05 AM, Apr 23, 2026
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Edited by: Ashish Gupta
, Reported By: Ashish Gupta

Smart Meter UP News : Image - Ai Generated
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मीटर बदलने की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी है। सोनभद्र सहित कई जिलों में उपभोक्ता ओवरबिलिंग और अनियमितताओं से परेशान हैं।
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर बढ़ते जन आक्रोश के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने फिलहाल पुराने मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला आम उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
शिकायतों के बाद बनी जांच समिति
ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ता सामान्यतः ईमानदार होता है और सही बिल मिलने पर भुगतान करने में कोई हिचक नहीं करता। उन्होंने ओवरबिलिंग और तकनीकी गड़बड़ियों की जांच के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने तक पुराने मीटरों को नहीं बदला जाएगा।
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उपभोक्ताओं को मिली राहत
सरकार ने तत्काल राहत देते हुए कुछ अहम फैसले भी लिए हैं। अब यदि स्मार्ट मीटर का बैलेंस शून्य हो जाता है, तब भी तीन दिन तक बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। साथ ही ₹200 तक का नेगेटिव बैलेंस होने पर भी बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। हालांकि नए कनेक्शन अब भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर से ही दिए जाएंगे।
सोनभद्र में बढ़ी उपभोक्ताओं की परेशानी
सोनभद्र जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कई लोगों का कहना है कि बिना बिजली उपयोग के भी रोजाना बैलेंस कट रहा है। ओवरबिलिंग, गलत रीडिंग और अचानक बैलेंस माइनस होने जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। इससे उपभोक्ताओं में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है।
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सोशल मीडिया पर छलका उपभोक्ताओं का दर्द
सोशल मीडिया पर भी उपभोक्ता अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर रहे हैं। दुद्धी क्षेत्र के एक उपभोक्ता ने पोस्ट करते हुए बताया कि एक दिन पहले मीटर में ₹232 बैलेंस था, जो अगले ही दिन ₹-792.54 हो गया। उपभोक्ता ने सवाल उठाया कि जब घर में सामान्य उपयोग हो रहा है, तो इतनी तेजी से बैलेंस कैसे खत्म हो सकता है। इस तरह की घटनाएं आम लोगों में अविश्वास और नाराजगी बढ़ा रही हैं।
जनता पूछ रही सवाल
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लगातार सामने आ रही समस्याओं के बीच अब आम जनता यह सवाल उठा रही है कि स्मार्ट मीटर सुविधा के लिए लगाए जा रहे हैं या फिर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के लिए। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
भरोसे की परीक्षा में योजना
स्मार्ट मीटर योजना फिलहाल भरोसे की परीक्षा से गुजर रही है। सरकार का यह फैसला उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि समस्या तकनीकी है या व्यवस्थागत।






