Sonbhadra News : जनपद न्यायाधीश के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर मांगी गई धनराशि, आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज.
सदर मुंसरिम ने अपनी शिकायत के साथ संबंधित व्हाट्सएप चैट और स्क्रीनशॉट भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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10:45 AM, May 11, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Sanjay Singh / Vedvyas Singh Maurya

Image : Sonprabhat News
सोनभद्र। साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां जनपद न्यायाधीश के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया गया और लोगों से धनराशि की मांग की गई। मामले की जानकारी मिलते ही न्यायालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सदर मुंसरिम महेन्द्र प्रताप सिंह की ओर से राबर्ट्सगंज कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया गया कि अज्ञात व्यक्ति अथवा गिरोह ने जनपद न्यायाधीश रामसुलीन सिंह के नाम से दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किए। इन अकाउंट्स पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जिला जज की प्रोफाइल फोटो और नाम का इस्तेमाल किया गया।
आरोप है कि फर्जी अकाउंट के जरिए अधिवक्ताओं सहित अन्य लोगों को संदेश भेजकर धनराशि की मांग की गई। जैसे ही इस फर्जीवाड़े की जानकारी न्यायालय प्रशासन को हुई, तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
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सदर मुंसरिम ने अपनी शिकायत के साथ संबंधित व्हाट्सएप चैट और स्क्रीनशॉट भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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राबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा ने बताया कि मामले की जांच साइबर एंगल से की जा रही है। संबंधित मोबाइल नंबरों, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से धनराशि मांगने वाले संदेशों पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की रकम भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।






