सोनभद्र के 40वें जिलाधिकारी बी.एन. सिंह भावभीनी विदाई के साथ नई जिम्मेदारी के लिए हुए रवाना. Sonbhadra News
प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ बी.एन. सिंह का साहित्यिक क्षेत्र में भी योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह 'संजय' द्वारा लिखित “सोनभद्र का इतिहास” का संपादन किया, जिसका विमोचन बसंत पंचमी के अवसर पर किया गया था।
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10:48 AM, Apr 23, 2026
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Edited by: Ashish Gupta
, Reported By: Ashish Gupta

सोनभद्र के 40वें जिलाधिकारी बी.एन. सिंह : Photo Sonprabhat News
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के 40वें जिलाधिकारी रहे बद्री नाथ सिंह (बी.एन. सिंह) का कार्यकाल प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली और सराहनीय रहा। लगभग 1 वर्ष 10 महीने तक जिले की सेवा देने के बाद उनका स्थानांतरण विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग के पद पर हो गया। 22 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
विदाई समारोह में भावुक हुए जिलाधिकारी
अपने संबोधन में जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने कहा कि सरकारी सेवाओं में स्थानांतरण एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जब किसी स्थान से गहरा जुड़ाव बन जाता है, तो विदाई के क्षण भावुक कर देते हैं। उन्होंने कहा कि सोनभद्र में उनके कार्यकाल को यादगार बनाने में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समयबद्ध और पारदर्शी कार्यशैली अपनाने से प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार का मानसिक दबाव नहीं रहता और बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।
जनहित और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
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बी.एन. सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
अधिकारियों ने की कार्यशैली की सराहना
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने जिलाधिकारी के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जिले में कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए। वहीं मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने कहा कि बी.एन. सिंह एक कर्मठ, लगनशील और दूरदर्शी अधिकारी के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली और जटिल समस्याओं के सहज समाधान से जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों को बहुत कुछ सीखने को मिला है।
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डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से दिखाई गई उपलब्धियां
समारोह के दौरान जिलाधिकारी के कार्यकाल में किए गए प्रमुख कार्यों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे देखकर उपस्थित अधिकारी और कर्मचारी भावुक हो उठे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह भेंट किए।
साहित्यिक योगदान भी रहा उल्लेखनीय
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प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ बी.एन. सिंह का साहित्यिक क्षेत्र में भी योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह 'संजय' द्वारा लिखित “सोनभद्र का इतिहास” का संपादन किया, जिसका विमोचन बसंत पंचमी के अवसर पर किया गया था। यह उनके कार्यकाल की एक विशेष उपलब्धि मानी जा रही है।
यादगार रहा सोनभद्र का सफर
बी.एन. सिंह का सोनभद्र में कार्यकाल प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जनहित के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। उनकी यह यात्रा न केवल जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण रही, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक भी साबित हुई। जिले के लोगों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।






