सर्किल रेट पुनरीक्षण अभियान में सोनभद्र का शानदार प्रदर्शन, प्रदेश में दूसरा स्थान
सर्किल रेट पुनरीक्षण अभियान में सोनभद्र का शानदार प्रदर्शन, प्रदेश में दूसरा स्थान
9:50 PM, Jun 12, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के नेतृत्व में 7 दिनों में 80 प्रतिशत लक्ष्य हासिल, पारदर्शी मूल्यांकन व्यवस्था की दिशा में बड़ी उपलब्धिसोनभद्र। आगामी जुलाई माह से लागू होने वाली नई मूल्यांकन सूची (सर्किल रेट) के निर्धारण के लिए चलाए जा रहे विशेष खसरा फीडिंग अभियान में सोनभद्र ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के नेतृत्व, सतत निगरानी एवं प्रभावी कार्ययोजना के बल पर जनपद ने मात्र सात दिनों में 80 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करते हुए प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।विशेष अभियान के तहत खसरा फीडिंग कार्य में तेजी से प्रगति दर्ज की गई। महज चार दिनों में लगभग 45 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया, जबकि सात दिनों के भीतर 80 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर जनपद ने प्रदेशीय रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज कराया। यह उपलब्धि प्रशासनिक दक्षता, बेहतर समन्वय और अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में जनपद की सभी तहसीलों में युद्धस्तर पर खसरा संख्याओं की ऑनलाइन फीडिंग का कार्य किया जा रहा है। भूमि के वैज्ञानिक एवं यथार्थ मूल्यांकन में खसरा संख्याओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर भूमि की वास्तविक स्थिति, उपयोगिता और बाजार मूल्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों का सटीक आकलन किया जाता है।अभियान के दौरान प्रत्येक भूमि की अवस्थिति का विस्तृत विवरण भी संकलित किया जा रहा है। इसमें यह दर्ज किया जा रहा है कि भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग अथवा अन्य संपर्क मार्गों से किस प्रकार जुड़ी हुई है। साथ ही आसपास उपलब्ध आवासीय, व्यावसायिक एवं विकासात्मक गतिविधियों का भी आंकलन किया जा रहा है, जिससे संपत्तियों का बाजार मूल्य अधिक पारदर्शी, तर्कसंगत और वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप निर्धारित किया जा सके।उपनिबंधक विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के संयुक्त प्रयासों से यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि नई मूल्यांकन सूची तैयार करते समय स्थानीय परिस्थितियों, भूमि की वास्तविक उपयोगिता और बाजार की वर्तमान स्थिति को प्राथमिकता दी जाए, ताकि आमजन को न्यायसंगत एवं पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिल सके।जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा जनहित को सर्वोपरि रखते हुए संपत्तियों का वास्तविक एवं वैज्ञानिक मूल्यांकन सुनिश्चित करना है। सोनभद्र की यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक कार्यकुशलता का परिचायक है, बल्कि भविष्य में अधिक सटीक एवं पारदर्शी सर्किल रेट निर्धारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी।
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